Ман на мастам аз шароб аз чашми ёри мастам

من نه مستم از شراب از چشم یار مستم

Аз нигоҳӣ кардааст он дилбари айёри мастам

از نگاهی کرده است آن دلبر عیار مستم

Шоҳи вшихи вшҳнаҳ шаҳр огаҳанд аз мастии ман

شاه وشیخ وشحنه شهر آگهند از مستی من

Ман ба базми шоҳи ваҳми дркўчаҳи вбозори мастам

من به بزم شاه وهم درکوچه وبازار مستم

ГрҳриФони ҷумлаи мстндози шароб май фурӯашон

گرحریفان جمله مستنداز شراب می فروشان

Ман зи сҳбоӣӣ ки худ парвардаи он дилдори мастам

من ز صهبائی که خود پرورده آن دلدار مستم

Наҳй Фрмўаҳаст шоҳ аз мастии возори мардум

نهی فرموه است شاه از مستی وآزار مردم

Ман агар мастам вале бингар ки бе озори мастам

من اگر مستم ولی بنگر که بی آزار مستم

Ман на кӯрами пой то сари чашми вчшми пари знўрм

من نه کورم پای تا سر چشم وچشم پر زنورم

Гар ба рафтан даст дорам бар дар вдиўори мастам

گر به رفتن دست دارم بر در ودیوار مستم

Мтрбои неи зани дамӣ шояд барам аз дили ғамӣ ро

مطربا نی زن دمی شاید برم از دل غمی را

Соқио май даҳ камӣ зеро ки ман бисёр мастам

ساقیا می ده کمی زیرا که من بسیار مستم

Чашми маст ӯ рабӯд аз дасти ҳуши вдоншм ро

چشم مست او ربود از دست هوش ودانشم را

Чун баланди иқбол агар гӯям чунин ашъори мастам

چون بلند اقبال اگر گویم چنین اشعار مستم