зи ман бахти сияҳи баргашта чун баргаштаи мижгонат
ز من بخت سیه برگشته چون برگشته مژگانت
Дилами ошуфта тар гардӣда аз зулфи парешонат
دلم آشفته تر گردیده از زلف پریشانت
Ало эй шӯхи сангини дили саломати ҷон барам мушкил
الا ای شوخ سنگین دل سلامت جان برم مشکل
Аз ин шамшери абрӯяти вази он пайкони мижгонат
از این شمشیر ابرویت وز آن پیکان مژگانت
Канорами пар дару марҷони шдоз бас гаштаам гирён
کنارم پر در و مرجان شداز بس گشته ام گریان
зи меҳр рӯй чун моҳат ба ишқи лаъли хандонат
ز مهر روی چون ماهت به عشق لعل خندانت
Дилам пайваста мемӯед ба бахтам фитна ме ҷӯяд
دلم پیوسته می موید به بختم فتنه می جوید
Ба ёдмўии мишкӣнати зҳҷри чашми фаттонат
به یادموی مشکینت زهجر چشم فتانت
Диҳад шайхи риёи пешаи маро аз маҳшари андеша
دهد شیخ ریا پیشه مرا از محشر اندیشه
намедонад ки субҳ маҳшарам шуд шоми ҳиҷронат
نمی داند که صبح محشرم شد شام هجرانت
Ба домонам кӣ аз ин пас расад аз кибри дасти кас
به دامانم کی از این پس رسد از کبر دست کس
Марогар пой бӯаст даст бидиҳад ҳмчўдомонт
مرا گر پای بوست دست بدهد همچودامانت
Сари савдоеи моро набошад чорае ёро
سر سودایی ما را نباشد چاره ای یارا
Ба ҷузи унноби лабҳояти магари лимуии пистонат
به جز عناب لبهایت مگر لیموی پستانت
Биё эй боғбон бигушо дар бустон ба рӯй мо
بیا ای باغبان بگشا در بستان به روی ما
Ки чизе аз тамошое нагардад кам зи бустонат
که چیزی از تماشایی نگردد کم ز بستانت
Баҳри дами кош дар даврони марои бади сад ҳазорон ҷон
بهر دم کاش در دوران مرا بد صد هزاران جان
Ки то ҳамчун блндоқбол мекардам ба қурбонат
که تا همچون بلنداقبال می کردم به قربانت