Рашк меоядам зи перҳанат

رشک می آیدم ز پیرهنت

Ки зндбўсаҳ ҳар замон ба танат

که زندبوسه هر زمان به تنت

Мада аз перҳан ба тани озор

مده از پیرهن به تن آزار

Накунам чоки дил чу перҳанат

نکنم چاک دل چو پیرهنت

Май дарди перҳани зи ғунчаи сабо

می درد پیرهن ز غنچه صبا

Дида бе пардаи тогли баданат

دیده بی پرده تاگل بدنت

Мурғи дилро кунӣ зи донаи хол

مرغ دل را کنی ز دانه خال

Бастаи доми зулфи пари шиканат

بسته دام زلف پر شکنت

Бар лаби чашмаи бақо Хизр аст

بر لب چشمه بقا خضر است

ё ки холаст гӯшаи даҳанат

یا که خال است گوشه دهنت

Ҷон ба ранҷ аз туранҷи ғабғаби ту

جان به رنج از ترنج غبغب تو

Дили пари осеби себ бар зқнт

دل پر آسیب سیب بر ذقنت

Май кндсиди сад ҳазорон шер

می کندصید صد هزاران شیر

Ба яке ҷилваи оҳӯии хутанат

به یکی جلوه آهوی ختنت

зи оби вгли нестии сиришт ту чист

ز آب وگل نیستی سرشت تو چیست

эй фидои сад ҳазор ҳамчуи миннат

ای فدا صد هزار همچو منت

Набӯд ҳаргиз эй блндоқбол

نبود هرگز ای بلنداقبال

Қндрои таъми шукри суханат

قندرا طعم شکر سخنت