Яке хост каз гул бигирад гулоб

یکی خواست کز گل بگیرد گلاب

Гули аФкнддри деги вбри рӯйиши об

گل افکنددر دیگ وبر رویش آب

Ба зераши ҳамеи оташи тизкрд

به زیرش همی آتش تیزکرد

Ба гармӣ чўотш шуд он оби сард

به گرمی چوآتش شد آن آب سرد

Чу он об дар дег омад ба ҷӯш

چو آن آب در دیگ آمد به جوش

Сдоӣӣ аз он дегам омад ба гӯш

صدائی از آن دیگم آمد به گوش

Ки мегуфт он об бо гули сухан

که می گفت آن آب با گل سخن

Ки эй нозанини чеҳри нозуки бадан

که ای نازنین چهر نازک بدن

Чаҳ кардӣ ки афтодае дар азоб

چه کردی که افتاده ای در عذاب

Наме байнам аз баҳри ту фатҳи боб

نمی بینم از بهر تو فتح باب

БгФтогл эй оби оташи мизоҷ

بگفتاگل ای آب آتش مزاج

Ки аранд олам ба тўоҳтёҷ

که ارند عالم به تواحتیاج

Ман азхўдгноҳӣ надорам суроғ

من ازخودگناهی ندارم سراغ

Вале чанд рӯзӣ ки будам ба боғ

ولی چند روزی که بودم به باغ

Марои ошиқӣ буд булбул ба ном

مرا عاشقی بود بلبل به نام

Ки ӯро ба ман бўдъшқии тамом

که او را به من بودعشقی تمام

Дамӣ мешудамгар зчшмши ниҳон

دمی می شدم گر زچشمش نهان

Ҳаме бар фалак мешуд аз ӯ фиғон

همی بر فلک می شد از او فغان

Наме гашти икдми зи пешами ҷудо

نمی گشت یکدم ز پیشم جدا

Дили вҷон ҳаме кард баҳрами фидо

دل وجان همی کرد بهرم فدا

Ба шухӣ бпоиш задам бскаҳи хор

به شوخی بپایش زدم بسکه خار

Мукофотам инаст дар рӯзгор

مکافاتم این است در روزگار