Ишқ ту гушӯд обам аз чашм

عشق تو گشود آبم از چشم

Ишқи ту рабӯди хобам аз чашм

عشق تو ربود خوابم از چشم

Гуфтам ки даруни пардаи ҷон

گفتم که درون پردۀ جان

Роз ту кунам зи ғайри пинҳон

راز تو کنم ز غیر پنهان

Шуд фоши миёни мардуми ин роз

شد فاش میان مردم این راز

Аз чеҳраи зарду ашки ғаммоз

از چهرۀ زرد و اشک غماز

Акнӯн чаҳ кунам чаҳ чораи созам

اکنون چه کنم چه چاره سازم

Каз парда бурун фитод розам

کز پرده برون فتاد رازم

Аз ишқи ту беқарорам эй дӯст

از عشق تو بی‌قرارم ای دوست

Фарёдрасӣ надорам эй дӯст

فریادرسی ندارم ای دوست

Раҳми ор ки бедилу асирам

رحم آر که بی‌دل و اسیرم

Ҷузи лутф ту нест дастгирам

جز لطف تو نیست دستگیرم

То тоқати сабр карданам буд

تا طاقت صبر کردنم بود

Тоби ғаму ғусса хӯрданам буд

تاب غم و غصه خوردنم بود

Хӯрдам ғами ишқ ва сабр кардам

خوردم غم عشق و صبر کردم

Ва огоҳ нашуд касе зи дардам

و آگاه نشد کسی ز دردم

Сабрам чу намонад дар фироқат

صبرم چو نماند در فراقت

Ваз ҳад бигузашт иштиёқат

وز حد بگذشت اشتیاقت

Наздики ту эй маи дили афрӯз

نزدیک تو ای مه دل‌افروز

Ин нома навиштам аз сари сӯз

این نامه نوشتم از سر سوز

Шарҳи ғами хеш бо ту гуфтам

شرح غم خویش با تو گفتم

Ҳоли дили риш бо ту гуфтам

حال دل ریش با تو گفتم

Бошад ки чу ҳоли ман бадоне

باشد که چو حال من بدانی

Аз рӯй вафоу меҳрбонӣ

از روی وفا و مهربانی

Сар бо ман хастаи дили дрорӣ

سر با من خسته‌دل درآری

Комами зи висоли худ барорӣ

کامم ز وصال خود برآری