Ёрб чаҳ дамии сети рӯҳ парвар

یارب چه دمی‌ست روح‌پرور

Он дам ки расад висоли дилбар

آن دم که رسد وصال دلبر

эй моҳи фалаки басони ғуломат

ای ماه فلک بسان غلامت

Осӯдаи равонам аз паёмат

آسوده روانم از پیامت

Алмнти ллٰаҳ эй дили афрӯз

المنت‌للّٰه ای دل‌افروز

Комад ба сари ин ғами ҷигарсӯз

کامد به سر این غم جگرسوز

Чун номаи васлат эй парии рух

چون نامه وصلت ای پری‌رخ

Оварад сабо ба фоли фаррух

آورد صبا به فال فرخ

Тъўизи дил Фкор кардам

تعویذ دل فکار کردم

Сармоя ифтихор кардам

سرمایۀ افتخار کردم

Аз муждаи васл ту шудам шод

از مژدۀ وصل تو شدم شاد

Гаштами зи камӣни меҳнати озод

گشتم ز کمین محنت آزاد

Шуд оташи фурқати ту сокин

شد آتش فرقت تو ساکن

Зини муждаи рӯҳи бахши лекин

زین مژدۀ روح‌بخش لیکن

Фармон сабурӣам чу додӣ

فرمان صبوری‌ام چو دادی

Сад наъл дар оташам наҳодӣ

صد نعل در آتشم نهادی

Бигушоӣ ниқоб ва рӯй бинмоӣ

بگشای نقاب و روی بنمای

Зин беш сабурӣам мФрмоӣ

زین بیش صبوری‌ام مفرمای

Сабр аз дил ошиқ аст ноёб

صبر از دل عاشق است نایاب

Кӣ ташна кунад сабурӣ аз об

کی تشنه کند صبوری از آب

Дардӣ ки маро буд туро нест

دردی که مرا بود ترا نیست

Сабрӣ ки туро буд маро нест

صبری که تو را بود مرا نیست

Зинҳори мҷўии даврӣ аз ман

زنهار مجوی دوری از من

Дигари матлаби сабурӣ аз ман

دیگر مطلب صبوری از من

Ҷонам ба лаб омад аз сабурӣ

جانم به لب آمد از صبوری

Кофари нкшоди дарди даврӣ

کافر نکشاد درد دوری