Гӯ эй маи осмони хӯбӣ
گو ای مه آسمان خوبی
Ваии гулбуни бӯстони хӯбӣ
وی گلبن بوستان خوبی
Оби рухи ту саман надорад
آب رخ تو سمن ندارد
Сарвӣ чу қадат чаман надорад
سروی چو قدت چمن ندارد
Дили хастаи чашми ним мастат
دل خستۀ چشم نیممستت
Ҷони волаи лаъл май парастат
جان والۀ لعل میپرستت
Ҳарчанд ки сарви сарфарозад
هرچند که سرو سرفرازد
Дар боғ ба қомат ту нозад
در باغ به قامت تو نازد
Бо лаъли ту ғунча гар занад дам
با لعل تو غنچه گر زند دم
Бодаши бадаради даҳан ба як дам
بادش بدرد دهن به یک دم
Ёрб ки ҷаҳон ба коми бодат
یارب که جهان به کام بادت
Иқбол чу ман ғуломи бодат
اقبال چو من غلام بادت
Умрии сет ки бо ғамати қаринам
عمریست که با غمت قرینم
Бо ғуссау дард ҳам нишинам
با غصه و درد همنشینم
Афтод дилам ба доми ишқат
افتاد دلم به دام عشقت
Беҳуш шудам зи ҷоми ишқат
بیهوش شدم ز جام عشقت
Мурғи дил ман гирифт улфат
مرغ دل من گرفت الفت
Бо донаи холу доми зулфат
با دانۀ خال و دام زلفت
Аз ишқи ту эй бути длором
از عشق تو ای بت دلارام
Як лаҳза нагирадам дили ором
یک لحظه نگیردم دل آرام
Бе ту сар бӯстон надорам
بی تو سر بوستان ندارم
Барги гул ва гулистон надорам
برگ گل و گلستان ندارم
Дорам зи ғамати дилӣ бар оташ
دارم ز غمت دلی بر آتش
Чун турраи саркашати мушавваш
چون طرۀ سرکشت مشوش
То дили зи ман шикастаи барадӣ
تا دل ز من شکسته بردی
Ҷонам ба ғаму балои супурдӣ
جانم به غم و بلا سپردی
Вирди ман хастаи дили шабу рӯз
ورد من خستهدل شب و روز
Инаст зи ишқат эй дили афрӯз
این است ز عشقت ای دلافروز