эй қомати баланди ту умри дарози ман
ای قامت بلند تو عمر دراز من
Миҳроби абрӯии ту маҳали намози ман
محراب ابروی تو محل نماز من
Ҳастам чу шамъи шаби ҳамаи шаб дар гудозу сӯз
هستم چو شمع شب همه شب در گداز و سوز
Ва огаҳи Неи зи гиряу сӯзу гудози ман
و آگه نیی ز گریه و سوز و گداز من
Розам ба зери пардаи зи мардуми наҳуфта буд
رازم به زیر پرده ز مردم نهفته بود
Бар рӯ фиканд ашки ман аз пардаи рози ман
بر رو فکند اشک من از پرده راز من
Гар қисматам ба кӯй харобот карда анд
گر قسمتم به کوی خرابات کرده اند
Бо қисмати азал чаҳ кунад эҳтирози ман
با قسمت ازل چه کند احتراز من
Ман кори худ чунон ки бибояд насохтам
من کار خود چنان که بباید نساختم
Бояд ки лутф дӯст шавад корсози ман
باید که لطف دوست شود کارساز من
эй сарви хуши хироми бунаи саркашии зи сар
ای سرو خوش خرام بنه سرکشی ز سر
Дар нози худ мубин ва бибин дар ниёзи ман
در ناز خود مبین و ببین در نیاز من
ё дар кашам ба домани ҳиммат ки оқибат
یا در کشم به دامن همت که عاقبت
Сар бар кашад зи ҷайби ҳақиқати муҷози ман
سر بر کشد ز جیب حقیقت مجاز من
Ибни ҳисомро чу маҳали пеш бор нест
ابن حسام را چو محل پیش بار نیست
Хез эй насим ва арза кун аз ман ниёзи ман
خیز ای نسیم و عرضه کن از من نیاز من
Бошад ба ним ҷуръа кунад кори ман тамом
باشد به نیم جرعه کند کار من تمام
Соқии мейри маҷлиси мискини навози ман
ساقی میر مجلس مسکین نواز من