Чу гашт дар ттқи чанбарии ниҳони гавҳар
چو گشت در تتق چنبری نهان گوهر
Бирехт кавкаби дарӣ бар осмони гавҳар
بریخت کوکب دُرّی بر آسمان گوهر
Нисори анҷуми рухшанда бар мҷраҳ бибин
نثار انجم رخشنده بر مجرّه ببین
Чу ҷавҳарӣ ки дар орад ба ресмони гавҳар
چو جوهری که در آرد به ریسمان گوهر
Чу лъбтӣ ки кунандаш нисор дар доман
چو لعبتی که کنندش نثار در دامن
Ситораи рехта дар зайли каҳкашони гавҳар
ستاره ریخته در ذیل کهکشان گوهر
Барин тбқчаҳи пирӯзаи байни з дар адан
برین طبقچه پیروزه بین ز دُرّ عدن
Дарун хон зумурради зи ахтарони гавҳар
درون خوان زمرّد ز اختران گوهر
Шаҳоби байн ки басони синони рӯйин тан
شهاب بین که بسان سنان رویین تن
Чигуна рехта бар тараф ҳафт хон гавҳар
چگونه ریخته بر طرف هفت خوان گوهر
зи дӯди тира ки бар шуд ба сақфи дӯд андӯд
ز دود تیره که بر شد به سقف دود اندود
Гирифт оташи рухшанда дар миёни гавҳар
گرفت آتش رخشنده در میان گوهر
Барин равоқи равони дрнгр ба сайёра
برین رواق روان درنگر به سیّاره
Ки дидаи сет бар оби равон , равони гавҳар ?
که دیده ست بر آب روان، روان گوهر؟
Чунонкии шоҳиди шомӣ ҳаме кунад эсор
چنانکه شاهد شامی همی کند ایثار
з дар дарӣ бар фарқи Фрқдони гавҳар
ز دُرّ درّی بر فرق فرقدان گوهر
зи собитоти фалаки тарки рӯмӣ аз сари бом
ز ثابتات فلک ترک رومی از سر بام
Кунад нисори қудуми хдоигони гавҳар
کند نثار قدوم خدایگان گوهر
Эмоми Меҳдии ҳодӣ ки аз ҷалолату қадар
امام مهدی هادی که از جلالت و قدر
Фарози торам на тоқ чарх дорад садр
فراز طارم نه طاق چرخ دارد صدر
Сипедаи дам ки бар омад чу оташ аз кони лаъл
سپیده دم که بر آمد چو آتش از کان لعل
Лаъли ҳисори нилӣ шаб шуд зумуррадӣ зон лаъл
لعل حصار نیلی شب شد زمرّدی زان لعل
Бирехт сўнси ёқӯтӣ аз кличаҳи нур
بریخت سونس یاقوتی از کلیچه نور
Бсўди ҷавҳарии осмон ба савҳони лаъл
بسود جوهری آسمان به سوهان لعل
Бабради ранги сиёҳ аз рухи шаби шабаҳи ранг
ببرد رنگ سیاه از رخ شب شبه رنگ
Шуъоъи ҳўз ки нтобад дигар бдонсони лаъл
شعاع حوز که نتابد دگر بدانسان لعل
Нисор кард фалаки ҳафт доман аз лؤлؤ
نثار کرد فلک هفت دامن از لؤلؤ
Чу санги хора бурун дод аз гиребони лаъл
چو سنگ خاره برون داد از گریبان لعل
Чу ошиқӣ ки ба рағбат газад лаби маъшӯқ
چو عاشقی که به رغبت گزد لب معشوق
зи хораи ховарӣ хур кунад ба дандони лаъл
ز خاره خاوری خور کند به دندان لعل
Ба буии онкии магари хотами аъиммаи дайн
به بوی آنکه مگر خاتم ائمه دین
Наад зи доира дар нуқтаи нигини дони лаъл
نهد ز دایره در نقطه نگین دان لعل
Нигини хотами фармони гузор ӯ дорад
نگین خاتم فرمان گزار او دارد
Ҳамон хавос ки дар хотами сулаймони лаъл
همان خواص که در خاتم سلیمان لعل
зи барқи теғи мухолифи гзои соъиқаи зой
ز برق تیغ مخالف گزای صاعقه زای
Кунад зи хӯни аду рӯй хоки майдони лаъл
کند ز خون عدو روی خاک میدان لعل
Қазо бтўъ кунад дасти тавқ дар камараш
قضا بطوع کند دست طوق در کمرش
Гараш иҷоза диҳад , бас буд ҳамин қадараш
گرش اجازه دهد، بس بود همین قَدَرش
Бар омад аз гулӯии танги аҳримани ёқӯт
بر آمد از گلوی تنگ اهرمن یاقوت
Бирехт зибқ ҳал карда аз даҳани ёқӯт
بریخت زَیبق حل کرده از دهن یاقوت
Ниҳоди машъалаи афрӯзи торами чорам
نهاد مشعله افروز طارم چارم
Ба ҷои шамъи дарахшнда дар лагани ёқӯт
به جای شمع درخشنده در لگن یاقوت
Сипеҳр , афсари Юсуфи харид аз дами гург
سپهر، افسر یوسف خرید از دم گرگ
Ба ҷой дар смин дод дар самани ёқӯт
به جای دُرّ ثمین داد در ثمن یاقوت
Кушоди боли сияҳи мурғи оташини минқор
گشاد بال سیه مرغ آتشین منقار
Сараши зи лаъли дарахшндау бадани ёқӯт
سرش ز لعل درخشنده و بدن یاقوت
Магар ки субҳи дам аз ман гирифт гавҳар
مگر که صبح دم از من گرفت گوهر
Дами зи дарҷи сина бурун оварад чу ман ёқӯт
دم ز درج سینه برون آورد چو من یاقوت
зи баҳри пшикши дасти Меҳдии ҳодӣ
ز بهر پشیکش دست مهدی هادی
Сипеҳр байн зада бар қуббаи мҷни ёқӯт
سپهر بین زده بر قبّۀ مجن یاقوت
Шаҳӣ ки бозуӣ ӯ рӯзи разм агар хоҳад
شهی که بازوی او روز رزم اگر خواهد
Ба нӯки найза бар андоз аз адани ёқӯт
به نوک نیزه بر انداز از عدن یاقوت
Шаҳоби ханҷари сабзаши чунон баборади лаъл
شهاب خنجر سبزش چنان ببارد لعل
Ки абри бодия бар домани дмни ёқӯт
که ابر بادیه بر دامن دمن یاقوت
зи гирди шукр ӯ то магаси бпрўозд
ز گرد شکّر او تا مگس بپروازد
Фиришта аз пари худ баста бо дзни ёқӯт
فرشته از پر خود بسته با دزن یاقوت
Амини ваҳй ки танзил аз осмон оварад
امین وحی که تنزیل از آسمان آورد
Ба хокбўс дараш , сар бар остон оварад
به خاکبوس درش، سر بر آستان آورد
Аё зи теғи ту бар гардани рқоб , ақиқ
ایا ز تیغ تو بر گردن رقاب، عقیق
Даруни хора азу гашта дар ноби ақиқ
درون خاره ازو گشته درّ ناب عقیق
Чу барқи теғи ту бар теғ шуъла андозад
چو برق تیغ تو بر تیغ شعله اندازد
Биҷои оби фурӯи борад аз саҳоби ақиқ
بجای آب فرو بارد از سحاب عقیق
Наҳиф наҳй тавонад зи дили шароб , шарор
نهیب نهی تواند ز دل شراب، شرار
Чунон фиканд ки шуд гӯнаи шароб , ақиқ
چنان فکند که شد گونه شراب، عقیق
Алӣ алсбоҳ кунад сунъи заргар хуршед
علی الصّباح کند صنع زر گر خورشید
Нигини меҳри туро лаъли офтоб , ақиқ
نگین مهر تو را لعل آفتاب، عقیق
Фурӯғи теғи ту хоро чунон Биҷӯш оварад
فروغ تیغ تو خارا چنان بجوش آورد
Ки гашт дар ҷигари санги хораи оби ақиқ
که گشت در جگر سنگ خاره آب عقیق
зи хӯни зумурради теғ ту ёфт ҷавҳари лаъл
ز خون زمرد تیغ تو یافت جوهر لعل
Ба рӯзи маъракаи зонсон ки пари сдоби ақиқ
به روز معرکه زانسان که پر سداب عقیق
зи тоби теғи ту хӯн дар дили адуи бФсрд
ز تاب تیغ تو خون در دل عدو بفسرد
Чунонкӣ дар дили хорои зи офтоби ақиқ
چنانکه در دل خارا ز آفتاب عقیق
зи хӯни дидау дил бо вуҷӯди сангдилӣ
ز خون دیده و دل با وجود سنگدلی
Ба сўки ҷади ту рух мекунад хизоби ақиқ
به سوک جدّ تو رخ می کند خضاب عقیق
зи бас ки гиря кунад шом бар ҳусайн
ز بس که گریه کند شام بر حسین
Шаҳид шавад бичишам шафақи лؤлؤи музоби ақиқ
شهید شود بچشم شفق لؤلؤ مذاب عقیق
Ҳануз шоми дарин таъзияти сияҳ пӯш аст
هنوز شام درین تعزیت سیه پوش است
Ҳануз олами Каррӯбӣони пар аз ҷӯш аст
هنوز عالم کرّوبیان پر از جوش است
Чу гашти қасри кавокибнигор пирӯза
چو گشت قصر کواکب نگار پیروزه
Ббўди манзари нилии ҳисори пирӯза
ببود منظر نیلی حصار پیروزه
Аё ба мъўли фикр аз замири синаи соф
ایا به معول فکر از ضمیر سینه صاف
Кашида зеҳни ту бар ҳар канори пирӯза
کشیده ذهن تو بر هر کنار پیروزه
Чу ҷавҳарӣ ки бурун оварад зи маъдани санг
چو جوهری که برون آورد ز معدن سنگ
Ба захми оҳани хорои гузори пирӯза
به زخم آهن خارا گزار پیروزه
Бнўки хома ки саррофи лؤлؤи сухани сет
بنوک خامه که صرّاف لؤلؤ سخن ست
Биёи зи кони табиат бар ори пирӯза
بیا ز کان طبیعت بر آر پیروزه
Бидон умед ки рӯзии магар туоне кард
بدان امید که روزی مگر توانی کرد
Нисори лаъли худовандгори пирӯза
نثار لعل خداوندگار پیروزه
Эмоми машриқу мағриб ки рӯзи пирӯзӣ
امام مشرق و مغرب که روز پیروزی
Сети зи гирди мавкиб ӯ обдори пирӯза
ست ز گرد موکب او آبدار پیروزه
Аё ба мақдами хзрои нисори ту чун Хизр
ایا به مقدم خضرا نثار تو چون خضر
Дамидаи сабза чу бар раҳгузори пирӯза
دمیده سبزه چو بر رهگذار پیروزه
зи мақдами ту баради рӯзгори пирӯзӣ
ز مقدم تو برد روزگار پیروزی
Ба хотам ту кунад ифтихори пирӯза
به خاتم تو کند افتخار پیروزه
Ҳилол ҳалқа бигӯаш ту шуд аз он дорад
هلال حلقه بگوش تو شد از آن دارد
зи роҳи мартаба дар гӯшвори пирӯза
ز راه مرتبه در گوشوار پیروزه
Асоси гулшани пирӯзаро мадор ба тест
اساس گلشن پیروزه را مدار به تست
Басити маркази шаш гӯшаро қарор ба тест
بسیط مرکز شش گوشه را قرار به تست
Аё даҳони туро дар ҳиҷоби марворид
ایا دهان تو را در حجاب مروارید
Чу ҳуққае ки буд пари хўшоби марворид
چو حقه ای که بود پر خوشاب مروارید
Чу шабнамии зи арақ бар рух ту биншинад
چو شبنمی ز عرق بر رخ تو بنشیند
Буд сафоаш чу бар офтоби марворид
بود صفاش چو بر آفتاب مروارید
Вагар ба нисбати ташбеҳ бар қамар чун наҷм
و گر به نسبت تشبیه بر قمر چون نجم
Ва ё бар оби биҷои ҳубоби марворид
و یا بر آب بجای حباب مروارید
Ҷавоҳир аз садафи сина ту бинмоед
جواهر از صدف سینۀ تو بنماید
Бидон мисол ки дар оби ноби марворид
بدان مثال که در آب ناب مروارید
Бирезад аз қаламати ҳамчуи лؤлؤи мансур
بریزد از قلمت همچو لؤلؤ منثور
Иборати суханат бар китоби марворид
عبارت سخنت بر کتاب مروارید
Чу дар рикоб кунӣ пои зи мехи нълинт
چو در رکاب کنی پا ز میخ نعلینت
Ҳазор бӯса диҳад бар рикоби марворид
هزار بوسه دهد بر رکاب مروارید
Маро чу наргиси ҷади ту дар хаёл ояд
مرا چو نرگس جدّ تو در خیال آید
зи чашми ман бчкди ҳамчуи оби марворид
ز چشم من بچکد همچو آب مروارید
Чу ёди воқеа Карбало диҳанд ба меғ
چو یاد واقعه کربلا دهند به میغ
Биҷои нами бчконди саҳоби марворид
بجای نم بچکاند سحاب مروارید
Шафақи зи гиряи хунин чунон шуд обилаи чашм
شفق ز گریه خونین چنان شد آبله چشم
Ки шуд хизоби зи лаъли музоби марворид
که شد خضاب ز لعل مذاب مروارید
зи сӯзи сина ки дар офтоб ме гирад
ز سوز سینه که در آفتاب میگیرد
зи оби дида ӯ дидаи оби марворид
ز آب دیده او دیده آب مروارید
Чу офтоб ки берун диҳад зи кони марҷон
چو آفتاب که بیرون دهد ز کان مرجان
Шавад зи гавҳар ӯ боми осмони марҷон
شود ز گوهر او بام آسمان مرجان
Бқсди қатли хавориҷи буруни хироми зи ғайб
بقصد قتل خوارج برون خرام ز غیب
зи хӯн равона кун аз ҳалқи гарданони марҷон
ز خون روانه کن از حلق گردنان مرجان
зи барқи лмъаҳи он афъии зумурради неш
ز برق لمعه آن افعی زُمُرّد نیش
Шарора май даҳ ва аз хасм май ситони марҷон
شراره می ده و از خصم می ستان مرجان
Чу ҳаст бар дили теғати ҳалоли хӯни ҳаром
چو هست بر دل تیغت حلال خون حرام
Чунон бирез ки ёбанд ройгони марҷон
چنان بریز که یابند رایگان مرجان
Равона кун зи сари теғи обгун ҳар дам
روانه کن ز سر تیغ آبگون هر دم
зи хӯни хасм чу оби равони равони марҷон
ز خون خصم چو آب روان روان مرجان
Шаҳоби теғи ту ҳамчун саҳоби соъиқаи рез
شهاب تیغ تو همچون سحاب صاعقه ریز
Диҳад адуии туро аз сари синони марҷон
دهد عدوی تو را از سر سنان مرجان
Баҳори лутф ту бахшад ба абри Нитсаон , сон
بهار لطف تو بخشد به ابر نیسان، سان
Ба лолаи кисвати лаъл ва ба арғавони марҷон
به لاله کسوت لعل و به ارغوان مرجان
Манам ки баҳри нисори ту табъи ғаввосам бар орад
منم که بهر نثار تو طبع غوّاصم بر آرد
Аз садафи сина ҳар замони марҷон
از صدف سینه هر زمان مرجان
Каминаи бандаи ту зарди рӯи зи шарми гуноҳ
کمینه بنده تو زرد رو ز شرم گناه
Аноятӣ ки шавад ранги заъфарони марҷон
عنایتی که شود رنگ زعفران مرجان
Ба як киришмаи назари хоки тира гулшан кун
به یک کرشمه نظر خاک تیره گلشن کن
Замири софии ибни ҳисом равшан кун
ضمیر صافی ابن حسام روشن کن