Гар кунад моҳи фалаки Зуҳраи Заҳро дар гӯш
گر کند ماه فلک زهره زهرا در گوش
Он ту бошӣ снмои лؤлؤи лоло дар гӯш
آن تو باشی صنما لؤلؤ لالا در گوش
Суханамгар чаҳ ки дарӣаст гиронмоя валек
سخنم گر چه که دریست گرانمایه ولیک
Бстизаҳ накунад он бути раъно дар гӯш
بستیزه نکند آن بت رعنا در گوش
Тарки ман сарви сеӣ қомату моҳ чкл аст
ترک من سرو سهی قامت و ماه چکل است
Бишинаву ҷои даҳ ин нуктаи ғро дар гӯш
بشنو و جای ده این نکته غرا در گوش
Гавҳарӣ каз садаф дида пароканд раҳе
گوهری کز صدف دیده پراکند رهی
Гашти маҷмӯи турои ҷумлаи бикҷо дар гӯш
گشت مجموع ترا جمله بیکجا در گوش
Дод ушшоқ бидиҳ вақти худ аз дасти мада
داد عشاق بده وقت خود از دست مده
Вақт онаст кигирӣ сухани мо дар гӯш
وقت آنست که گیری سخن ما در گوش
Ҳеҷ доне ки занад гӯии бчўгони мурод
هیچ دانی که زند گوی بچوگان مراد
Онкӣ гирад сухани мардуми доно дар гӯш
آنکه گیرد سخن مردم دانا در گوش
Сухани ибни ямин гӯш кун аидўст аз онк
سخن ابن یمین گوش کن ایدوست از آنک
Дар шҳўор хушат ояду зебо дар гӯш
در شهوار خوشت آید و زیبا در گوش