Ман ошиқу ринд ва май пурситам
من عاشق و رند و می پرستم
Сари масти сабӯҳии аластам
سر مست صبوحی الستم
эй ғарраи бҳўшёрии хеш
ای غره بهوشیاری خویش
Бигзор насиҳатам ки мастам
بگذار نصیحتم که مستم
Аз банди ҷаҳони бгштми озод
از بند جهان بگشتم آزاد
Аз миннати ин ва он брстм
از منت این و آن برستم
Дил аз сари ном ва нанг бархест
دل از سر نام و ننگ برخاست
То ман бмрод дил нишастам
تا من بمراد دل نشستم
Баси ҳилау баси баҳонаи ҷустам
بس حیله و بس بهانه جستم
То аз дар нанги тавбаи ҷустам
تا از در ننگ توبه جستم
Чун ибни ямини басо ки гӯям
چون ابن یمین بسا که گویم
Зингўнаҳ ки ринд ва май пурситам
زینگونه که رند و می پرستم
Аз пой дар омадами зи мастӣ
از پای در آمدم ز مستی
Аидўст биё бигир дастам
ایدوست بیا بگیر دستم