Чу булбул аз сари мастии гузаштами сӯии гулзорӣ
چو بلبل از سر مستی گذشتم سوی گلزاری
Намӯд аз ҳиҷри рухсорати бчшмм ҳар гулии хорӣ
نمود از هجر رخسارت بچشمم هر گلی خاری
Дилам мегуфт бо чашмат ки хӯрдӣ хӯнам аз мастӣ
دلم میگفت با چشمت که خوردی خونم از مستی
Вале лаъл туро дидам зи хӯни дили нишони дорӣ
ولی لعل ترا دیدم ز خون دل نشان داری
Бадал гуфтам ки хӯни мо зи лаълаши хоҳ агар хоҳӣ
بدل گفتم که خون ما ز لعلش خواه اگر خواهی
Махоҳ аз чашми махмураш чаҳ мехоҳӣ зи беморӣ
مخواه از چشم مخمورش چه میخواهی ز بیماری
Чгўим аз татовулҳои зулфи трктози ту
چگویم از تطاولهای زلف ترکتاز تو
Чаҳ гуяд каси зи ҳиндӯии парешони кори таррорӣ
چه گوید کس ز هندوی پریشان کار طراری
Диламро дар фасоди афканди чашмати венаи чунин бояд
دلم را در فساد افکند چشمت وین چنین باید
Салоҳи охир куҷо ояд зи ҷаллоди сиҳкорӣ
صلاح آخر کجا آید ز جلاد سیهکاری
Гуруҳеро агар рағбат ба тасбеҳасту саҷҷода
گروهی را اگر رغبت به تسبیح است و سجاده
Гирифт ибни ямини бории зи зулфин ту зуннорӣ
گرفت ابن یمین باری ز زلفین تو زناری