зи онҳо ки хбси ботин эшонат зоҳираст

ز آنها که خبث باطن ایشانت ظاهرست

Ибн ямин маранҷ ки бадашони сиришт ва хуаст

ابن یمین مرنج که بدشان سرشت و خوست

Гар таъна ӣӣ зананд бар ашъори ъзби ту

گر طعنه ئی زنند بر اشعار عذب تو

АинФрқаҳи авом ки баъзе на хос ӯст

اینفرقه عوام که بعضی نه خاص اوست

Дарҳам машав ки биҳнр аз ғояти ҳасад

درهم مشو که بیهنر از غایت حسد

Бар аҳли фазл дар ҳамаи абвоби ъибҷўст

بر اهل فضل در همه ابواب عیبجوست

Хоҳанд то чу тӯтии табъат шукр фишон

خواهند تا چو طوطی طبعت شکر فشان

Гирданд лек мағзи шиносади хиради зи пӯст

گردند لیک مغز شناسد خرد ز پوست

Ҳар чанд ҳаст тоза ватар сабзаи дмн

هر چند هست تازه و تر سبزه دمن

Ҳаргизи куҷо чу сарви сеӣ бар канор ҷӯаст

هرگز کجا چو سرو سهی بر کنار جوست

Гӯи иктн аз тамомати ҳсоди бади гуҳар

گو یکتن از تمامت حساد بد گهر

Кови рози сад сухан ки бигӯед яке накӯаст

کاو راز صد سخن که بگوید یکی نکوست

Хоқонии фасеҳи дарин икдўи байти нағз

خاقانی فصیح درین یکدو بیت نغز

Гуфтаст бишанвед ки ӯ бас латиф гӯаст

گفته‌ست بشنوید که او بس لطیف گوست

Хоқонии онкасон ки тариқ ту мераванд

خاقانی آنکسان که طریق تو میروند

Зоғанду зоғро равиш Кебек орзӯаст

زاغند و زاغ را روش کبک آرزوست

Гирам ки мор чӯба кунад тани бшкли мор

گیرم که مار چوبه کند تن بشکل مار

Кӯи заҳри баҳри душману кӯи муҳраи баҳри дӯст

کو زهر بهر دشمن و کو مهره بهر دوست