Фарзанду нури дидаи ман аикаҳ дар сухан

فرزند و نور دیده من ایکه در سخن

Донад хирад ки мартабаи меҳтарии тўрост

داند خرد که مرتبه مهتری توراست

Хуршед дар назми ту дар гӯш мекашад

خورشید در نظم تو در گوش میکشد

Чун офтоби малики сухани густарии тўрост

چون آفتاب ملک سخن گستری توراست

Майдони назму насри маро буд пеши азин

میدان نظم و نثر مرا بود پیش ازین

По на дарин бисот кунун сарварии ту рост

پا نه درین بساط کنون سروری تو راست

Онкас ки аз мабоонӣ ашъор воқифаст

آنکس که از مبانی اشعار واقفست

Донад яқин ки мартабаи шоирии ту рост

داند یقین که مرتبه شاعری تو راست

Ибни ямини туро чу назар мекунад бмҳр

ابن یمین تو را چو نظر میکند بمهر

Маҳмӯд бош оқибати унсурии ту рост

محمود باش عاقبت عنصری تو راست