Хайма булъаҷабӣ зад фалаки шӯъбадаи боз

خیمه بوالعجبی زد فلک شعبده باز

Ҳар дам аз пардаи буруни нақш дигар гавани орад

هر دم از پرده برون نقش دگر گون آرد

Субҳдам аз сари кини теғи з хуршед кашид

صبحدم از سر کین تیغ ز خورشید کشید

Вази шафақи шоми мабодо ки шабихуни орад

وز شفق شام مبادا که شبیخون آرد

Шуд дилами хӯн ва надонист касе кохри кор

شد دلم خون و ندانست کسی کاخر کار

То азинҳқаҳи сари баста чаҳ беруни орад

تا ازینحقه سر بسته چه بیرون آرد