Бози дилами айш ва тараб ме кунад
باز دلم عیش و طرب میکند
Ҳеҷ надонам чаҳ сабаб мекунад ?
هیچ ندانم چه سبب میکند
Аз май ишқи ту магар маст шуд
از می عشق تو مگر مست شد
Кини ҳамаи шодӣ ва тараб мекунад ?
کین همه شادی و طرب میکند
То сари зулфи ту парешон бидид
تا سر زلف تو پریشان بدید
Шефта шуд , шӯр ва шағаб ме кунад
شیفته شد ، شور و شغب می کند
То дили ман дар сари зулф ту шуд
تا دل من در سر زلف تو شد
Айши ҳама дар дил шаб ме кунад
عیش همه در دل شب میکند
Барад ба бозии дили ҷумлаи ҷаҳон
برد به بازی دل جمله جهان
Зулфи ту бозӣ чаҳ аҷаб мекунад ?
زلف تو بازی چه عجب میکند؟
Турраи таррор ту кард он чаҳ кард
طرهٔ طرار تو کرد آن چه کرد
Фитнаи нигари боз ки лаб ме кунад
فتنه نگر باز که لب میکند
Май барад аз ман дил ва гуяд ба танз :
میبرد از من دل و گوید به طنز:
Бози фулонӣ чаҳ талаб мекунад ?
باز فلانی چه طلب میکند؟
Аз лаби лаълаш чаҳ аҷабгар маро
از لب لعلش چه عجب گر مرا
Орзӯии қанд ва тараб ме кунад
آرزوی قند و طرب میکند
Гар талабади бӯса , ироқӣ маранҷ ,
گر طلبد بوسه، عراقی مرنج،
Гарчи ҳамаи тарк адаб ме кунад
گرچه همه ترک ادب میکند