Ишқ ар ба ту рухи аёни намояд
عشق ار به تو رخ عیان نماید
Дар оинаи ҷаҳони намояд
در آینهٔ جهان نماید
Ин оинаи чеҳраи ҳақиқат
این آینه چهرهٔ حقیقت
Ҳар дам ба ту ройгони намояд
هر دم به تو رایگان نماید
Як доира фарз кун ҷаҳон ро
یک دایره فرض کن جهان را
Ҳар нуқтаи азуи миёни намояд
هر نقطه ازو میان نماید
Ин доира беш нуқта Эй нест
این دایره بیش نقطهای نیست
Лекин ба назари чунон намояд
لیکن به نظر چنان نماید
Рӯи нуқта оташӣ бигардон
رو نقطهٔ آتشی بگردان
То доирае равони намояд
تا دایرهای روان نماید
Ин нуқтаи зи суръати таҳаррук
این نقطه ز سرعت تحرک
Сад доира ҳар замони намояд
صد دایره هر زمان نماید
Ин нуқта ба ту шаҳодату ғайб
این نقطه به تو شهادت و غیب
Ҳам зоҳир ва ҳам ниҳони намояд
هم ظاهر و هم نهان نماید
Он нуқта ба ту камоли мутлақ
آن نقطه به تو کمال مطلق
Дар сӯрати ин ва он намояд
در صورت این و آن نماید
Он суръати даври нуқтаи доим
آن سرعت دور نقطه دایم
Сокин ба яке макони намояд
ساکن به یکی مکان نماید
Ҳар лмҳаҳ ба ту камол ҳастӣ
هر لمحه به تو کمال هستی
Дар кисвати ноқисони намояд
در کسوت ناقصان نماید
Он нуқта баён кунам чаҳ чиз аст
آن نقطه بیان کنم چه چیز است
Ҳар чанд туро гумони намояд
هر چند تو را گمان نماید
Он нуқта бидон ки зилл нур аст
آن نقطه بدان که ظل نور است
Кони нури варои ҷони намояд
کان نور ورای جان نماید
Он нури дили паямбари мост
آن نور دل پیمبر ماست
Акнӯн ба ту ҳақи аёни намояд
اکنون به تو حق عیان نماید
Он баҳри муҳӣт бе карона
آن بحر محیط بیکرانه
Ва он нури басити ҷовдона
و آن نور بسیط جاودانه
Он баҳр , ки мавҷ ӯст дарё
آن بحر، که موج اوست دریا
Ва он нур , ки зилл ӯст ашё
و آن نور، که ظل اوست اشیا
Нурӣ ки ҷамол ҷумла ҳастӣ
نوری که جمال جمله هستی
Аз тоб ҷамол ӯст пайдо
از تاب جمال اوست پیدا
Аввали зи паии назора ӯ
اول ز پی نظارهٔ او
Шуд айни ҳамаи ҷаҳони муҳайё
شد عین همه جهان مهیا
Ва охири ҳам офтоби рӯйиш
و آخر هم آفتاب رویش
Шуд сӯрати ҷисму ҷони ҳувайдо
شد صورت جسم و جان هویدا
ӯ рӯй ҳақасту айни ҳақ низ
او روی حق است و عین حق نیز
Бали айн ҳақиқатасту аъло
بل عین حقیقت است و اعلا
Дарёб , ки ӯст исми аъзам
دریاب، که اوست اسم اعظم
Зу гашти аёни сифоту асмо
زو گشت عیان صفات و اسما
Он зот ки ҳақ буд сафоташ
آن ذات که حق بود صفاتش
ӯро бингар , чаҳ бошад асмо ?
او را بنگر، چه باشد اسما؟
Исмӣ ки буд сифот ӯ ҳақ
اسمی که بود صفات او حق
Бингар ки чаҳ бошадаш мсмо
بنگر که چه باشدش مسما
Ва он нур ки ҳақи бадв тавон дид
و آن نور که حق بدو توان دید
Бошад ҳамаи волзҳӣу тоҳо
باشد همه والضحی و طاها
Фии алҷмлаҳи камол сӯрат ӯст
فیالجمله کمال صورت اوست
Ойӣнаи зоти ҳақи таъолӣ
آیینهٔ ذات حق تعالی
Дар оинаи Мустафо чаҳ бинад ?
در آینه مصطفی چه بیند؟
Ҷузи ҳасану ҷамоли зоти воло
جز حسن و جمال ذات والا
Кӯи ошиқ рӯй ҳақ ? биёи гӯ
کو عاشق روی حق؟ بیا گو
Бингар рухи хуби Мустафо ро
بنگر رخ خوب مصطفی را
Дар сӯрат ӯ ҳақ ар надидӣ
در صورت او حق ار ندیدی
ӣнҷо ба яқин бибинӣ онҷо
اینجا به یقین ببینی آنجا
Дар сӯрати шарҳ ӯ ироқӣ
در صورت شرح او عراقی
Чун дид ҳақиқати ошкоро
چون دید حقیقت آشکارا
Умед ки аз шафоат ӯ
امید که از شفاعت او
Ҳосил шавадаш каломи аъло
حاصل شودش کلام اعلی
То ҳар нафасӣ ба дидаи ҳақ
تا هر نفسی به دیدهٔ حق
Бенанди ҳамаи ҷамоли мутлақ
بینند همه جمال مطلق