Мо муқӣми остони тўоим

ما مقیم آستان توایم

Андалебони бӯстони тўоим

عندلیبان بوستان توایم

Гар рӯем аз дарат ва гар наравем

گر رویم از درت و گر نرویم

Аз ту гӯйем ва ҳам з ту шинавем

از تو گوییم و هم ز تو شنویم

Чун ки дар дом ту гирифторем

چون که در دام تو گرفتاریم

Аз ту пурвои хеш чун дорем ?

از تو پروای خویش چون داریم؟

Чун дам аз ошноӣ ту занем

چون دم از آشنایی تو زنیم

Майли бегонагӣ чигуна кунем ?

میل بیگانگی چگونه کنیم؟

Сари моу остона дар ту

سر ما و آستانهٔ در تو

Мунтазир то рӯем дар сари ту

منتظر تا رویم در سر تو

Ту мапиндор каз дар ту рӯем

تو مپندار کز در تو رویم

Ба сари ту , ки дар сар ту рӯем

به سر تو، که در سر تو رویم

То зи ишқи ту ҷуръа Эй хӯрдем

تا ز عشق تو جرعه‌ای خوردیم

Дил бидодему ҷон фидо кардем

دل بدادیم و جان فدا کردیم

То ба кӯии ту роҳбар гаштем

تا به کوی تو راهبر گشتیم

Ҷузи ту , аз ҳарчӣ буд баргаштем

جز تو، از هرچه بود برگشتیم

То зи ҷон бо ғам ту пайвастем

تا ز جان با غم تو پیوستیم

Рахт ҳастӣ хеш барбастем

رخت هستی خویش بربستیم

То зи шавқи ту маст ва ҳайронем

تا ز شوق تو مست و حیرانیم

Раҳ ба ҳастӣ худ наме донем

ره به هستی خود نمی‌دانیم

Чун ба савдоӣ ту гирифторем

چون به سودای تو گرفتاریم

Сари савдои худ куҷо дорем ?

سر سودای خود کجا داریم؟

Тоби ҳасани ту оташӣ афрӯхт

تاب حسن تو آتشی افروخت

Дили моро бидон бихоҳад сӯхт

دل ما را بدان بخواهد سوخت