Пери Широз , шайхи рӯзбеҳон
پیر شیراز، شیخ روزبهان
Он ба сидқу сафои Фариди ҷаҳон
آن به صدق و صفا فرید جهان
Авлиёро нигини хотам буд
اولیا را نگین خاتم بود
Олами ҷону ҷони олам буд
عالم جان و جان عالم بود
Шоҳи ушшоқу орифон буд ӯ
شاه عشاق و عارفان بود او
Сарвари ҷумлаи восилон буд ӯ
سرور جمله واصلان بود او
Чун ба айвони ошиқӣ бар шуд
چون به ایوان عاشقی بر شد
Рӯз ба буду рӯз ба тар шуд
روز به بود و روز بهتر شد
Солҳо бо ҷамоли ҷони афрӯз
سالها با جمال جانافروز
Рӯз шаб карда буду шабҳо рӯз
روز شب کرده بود و شبها روز
Дошт ӯ дилбарии фириштаи ниҳод
داشت او دلبری فرشته نهاد
Ки Рахши дидаро ҷило ме дод
که رخش دیده را جلا میداد
Иттифоқан магар сафеҳӣ дид
اتفاقا مگر سفیهی دید
Кони парии пой шайх ме молида
کان پری پای شیخ میمالید
Рафт то даргаи атобаки саъд
رفت تا درگه اتابک سعد
Тези рӯтар зи сайри барқ аз раъд
تیز روتر ز سیر برق از رعد
Гуфт : эй подшоҳи дайн , фарёд !
گفت: ای پادشاه دین، فریاد!
Пои худ шайхи дайн ба амрад дод
پای خود شیخ دین به امرد داد
Саъди зангӣ , зи эътиқод ки дошт
سعد زنگی، ز اعتقاد که داشت
Дар ҳақи шайх ифтиро ингошт
در حق شیخ افترا انگاشت
Кард рӯзии магари иёдати шайх
کرد روزی مگر عیادت شیخ
Дид ҳоле ки буд одати шайх
دید حالی که بود عادت شیخ
Дилбарӣ дид , ҳамчуи бадари мунир
دلبری دید، همچو بدر منیر
Чист дар бар гирифтаи пои фақир
چیست در بر گرفته پای فقیر
Чун атобак ба чашм хеш бидид
چون اتابک به چشم خویش بدید
Аз ҳаёи зери лаб ҳаме хандид
از حیا زیر لب همی خندید
Буд наздик шайх сӯзанда
بود نزدیک شیخ سوزنده
Минқалии пари зи оташи оканда
منقلی پر ز آتش آکنده
Пойҳо аз канори он маҳваш
پایها از کنار آن مهوش
Чуст дар зад ба минқали оташ
چست در زد به منقل آتش
Гуфт : чашмам агар чаҳ ҳайрон аст
گفت: چشمم اگر چه حیران است
Пойро пеш ҳар ду яксон аст
پای را پیش هر دو یکسان است
Оташ аз тани насиби худ талабад
آتش از تن نصیب خود طلبد
Сӯзиши мағз бе хиради талабад
سوزش مغز بیخرد طلبد
Гули оташ ба пеши иброҳӣм
گل آتش به پیش ابراهیم
Ваз таҷаллӣ насӯхт ҷисм кулем
وز تجلی نسوخت جسم کلیم
Назари мо ба чашми ту ҷонӣ аст
نظر ما به چشم تو جانی است
Майли дилро натиҷа рӯҳонӣ аст
میل دل را نتیجه روحانی است
Назарӣ , каз сар сафо ояд
نظری ، کز سر صفا آید
Ба табиати магари нёлоид
به طبیعت مگر نیالاید
Гар туро нест бо ғамаши корӣ
گر تو را نیست با غمش کاری
Доимои ман муқайядам , борӣ
دایما من مقیدم، باری