Аз ту меҳрам чу дар ниҳод буд
از تو مهرم چو در نهاد بود
Ман кӣм ? то марои мурод буд ?
من کیم؟ تا مرا مراد بود ؟
Ҷузи муродати маро Муродӣ нест
جز مرادت مرا مرادی نیست
Ғайри азин хотирӣ ва ёдӣ нест
غیر ازین خاطری و یادی نیست
Ҳарки ӯ дар ғами ту дил биниҳод
هرکه او در غم تو دل بنهاد
Орзӯҳо ба орзӯӣ ту дод
آرزوها به آرزوی تو داد
Шавқи дилҳо иродати ту буд
شوق دلها ارادت تو بود
Завқи ҷонҳо ибодати ту буд
ذوق جانها عبادت تو بود
То ки хок дарат паноҳ ман аст
تا که خاک درت پناه من است
Остони ту саҷдаи гоҳ ман аст
آستان تو سجدهگاه من است
Ман зи Кувайт бадар надонам рафт
من ز کویت بدر ندانم رفت
Зонка зин дар куҷо тавонам рафт ?
زانکه زین در کجا توانم رفت؟
Зини суханҳо хулоса доне чист ?
زین سخنها خلاصه دانی چیست؟
Онкӣ : давр аз ту ман надонам зист
آنکه: دور از تو من ندانم زیست
Гарчи дорӣ чу ман ҳазор ҳазор
گرچه داری چو من هزار هزار
Хатми гашти ин сухани барин гуфтор
ختم گشت این سخن برین گفتار