Дилам ки ҳамраҳи он ма чу абр чуст шавад
دلم که همره آن مه چو ابر چست شود
Гузор то баравад он қадар ки суст шавад
گذار تا برود آن قدر که سست شود
Надидаи домани поки ту меҳру моҳ ҳануз
ندیده دامن پاک تو مهر و ماه هنوز
Дурусти боди каттонӣ ки хона шаст шавад
درست باد کتانی که خانه شست شود
Қалами дареғи мадор аз сафина ӣ ошиқ
قلم دریغ مدار از سفینه ی عاشق
Ки ин сафинаи босалоҳи ту дуруст шавад
که این سفینه باصلاح تو درست شود
Наботи тоза ӣ ту май баради зи дидаи гулоб
نبات تازه ی تو می برد ز دیده گلاب
Табораки аллоҳ азон мавсимӣ ки раст шавад
تبارک الله ازان موسمی که رست شود
Ман аввалат чу бидидам бағами ниҳодами дил
من اولت چو بدیدم بغم نهادم دل
Ки ҳукми хайру шар ҳар кас аз нахуст шавад
که حکم خیر و شر هر کس از نخست شود
Дилами бхдмти нахли қадати баромади зор
دلم بخدمت نخل قدت برآمد زار
Ки нозукаст ниҳолӣ ки тоза раст шавад
که نازکست نهالی که تازه رست شود
Далер нест фиғонӣ ҳануз дар раҳи ишқ
دلیر نیست فغانی هنوز در ره عشق
Магар ба хизмати асҳоби дард чуст шавад
مگر به خدمت اصحاب درد چست شود