Мо синаро зи ҷаври ту ғофил шикофтем

ما سینه را ز جور تو غافل شکافتیم

Оҳӣ задему обила ӣ дил шикофтем

آهی زدیم و آبله ی دل شکافتیم

Лайлии нминмўди рух аз ғояти ғурур

لیلی نمینمود رخ از غایت غرور

Маҷнӯни шудему доман маҳмил шикофтем

مجنون شدیم و دامن محمل شکافتیم

Захм ончунон нашуд ки фароҳам шавад дигар

زخم آنچنان نشد که فراهم شود دگر

Ин дил на ҳамчуи мардум оқил шикофтем

این دل نه همچو مردم عاقل شکافتیم

Як бахя ӣ дуруст назд каси бакори мо

یک بخیه ی درست نزد کس بکار ما

Далқи сиёҳи хеш бботл шикофтем

دلق سیاه خویش بباطل شکافتیم

Алмоси пора буд на ёқӯти обдор

الماس پاره بود نه یاقوت آبدار

Ҳар чанд бештари ҷигар гул шикофтем

هر چند بیشتر جگر گل شکافتیم

Рӯзӣ нашуд бсоиаҳ ӣ нахли ҳарами дуруст

روزی نشد بسایه ی نخل حرم درست

Ин хирқа каз ҳарорат манзил шикофтем

این خرقه کز حرارت منزل شکافتیم

Чун шуд фиғонии ин ҳамаи захми ниҳони дуруст

چون شد فغانی این همه زخم نهان درست

Мо ҳам на сина бо ту муқобил шикофтем

ما هم نه سینه با تو مقابل شکافتیم