зи дили ҷузи хӯни нишон дар чашм беҳосил наме ёбам
ز دل جز خون نشان در چشم بیحاصل نمییابم
Нишони хӯн дил меёбам аммо дил наме ёбам
نشان خون دل مییابم اما دل نمییابم
Қадам дар ҳеҷ манзил бе гули рӯяти нпимоим
قدم در هیچ منزل بیگل رویت نپیمایم
Ки сад хори ҷафоро дар ҷигар манзил наме ёбам
که صد خار جفا را در جگر منزل نمییابم
Чаҳ ҳосили зини ҳамаи ашки равон дар дидаи равшан
چه حاصل زین همه اشک روان در دیدهٔ روشن
Барин сарчашма чун он сарвро моил наме ёбам
برین سرچشمه چون آن سرو را مایل نمییابم
Ту эй мурғи чаман хуш бош бо сарву гули раъно
تو ای مرغ چمن خوش باش با سرو و گل رعنا
Ки ман барги тараб дар нақши об ва гул наме ёбам
که من برگ طرب در نقش آب و گل نمییابم
Магари барқи таҷаллӣ шуъла зад аз манзили Лайлӣ
مگر برق تجلی شعله زد از منزل لیلی
Ки аз маҷнӯни нишоне дар пай маҳмил наме ёбам
که از مجنون نشانی در پی محمل نمییابم
Ман дилтангро ёрб чаҳ суд аз маҳфили ҷонон
من دلتنگ را یارب چه سود از محفل جانان
Ки ҳаргизи хешро муҳаррам дар он маҳфил наме ёбам
که هرگز خویش را محرم در آن محفل نمییابم
Ниҳодам чун фиғонии дил ба доғи ҳиҷру танҳоӣ
نهادم چون فغانی دل به داغ هجر و تنهایی
Чу худро дар ҳарими васл ӯ қобил наме ёбам
چو خود را در حریم وصل او قابل نمییابم