Биншин ва аз миёни камари фитнаро гушой
بنشین و از میان کمر فتنه را گشای
То ҷони ташнаро даҳуми обии қабои гушой
تا جان تشنه را دهم آبی قبا گشای
Дар интизори як нигаҳами ҷон блб расед
در انتظار یک نگهم جان به لب رسید
Чашмии брўзгори ман мубталои гушой
چشمی به روزگار من مبتلا گشای
Аз ҳади гузашти равшании маҷлиси рақиб
از حد گذشت روشنی مجلس رقیب
Як раҳ дар харобаи ин бенавои гушой
یک ره در خرابه این بینوا گشای
Дории ҳавои суҳбати бегона ҳамчунон
داری هوای صحبت بیگانه همچنان
Чун гӯямат ки дар брхи ошнои гушой
چون گویمت که در به رخ آشنا گشای
эй тарки масти буии хушат олимӣ гирифт
ای ترک مست بوی خوشت عالمی گرفت
Банди қабо ки гуфт ки пеши сабои гушой
بند قبا که گفت که پیش صبا گشای
Нагушӯд ҳаргизами гиреҳии дил ба ханда ӣӣ
نگشود هرگزم گرهی دل به خندهای
Оҳ ар бимонад ин гиреҳи бастаи ногушой
آه ار بماند این گره بسته ناگشای
Роҳ назар бабанд фиғонӣ ба он ғизол
راه نظر ببند فغانی به آن غزال
ё чашми хира дар раҳи тири балои гушой
یا چشم خیره در ره تیر بلا گشای