Бо ғамати созам ки рӯзии ғмгсори ман шӯй

با غمت سازم که روزی غمگسار من شوی

Ҳамдами ҷону дили умедвори ман шӯй

همدم جان و دل امیدوار من شوی

ӣнҳамаи ҷавру ҷафо каз хашму нозат май кашам

اینهمه جور و جفا کز خشم و نازت می کشم

Сабр дорам дар вафо то шармсори ман шӯй

صبر دارم در وفا تا شرمسار من شوی

Чун накардӣ ёрии ман бахти ҳам ёрӣ накард

چون نکردی یاری من بخت هم یاری نکرد

Бахти ёр ман шавад вақте ки ёри ман шӯй

بخت یار من شود وقتی که یار من شوی

Ҳар шаб эй гул май кашам аз синаи сад хори ҷафо

هر شب ای گل می کشم از سینه صد خار جفا

Бар умеди онкии фардои нави баҳори ман шӯй

بر امید آنکه فردا نو بهار من شوی

Сӯратии дорӣ ки аз як ҷилваи сад дил май барӣ

صورتی داری که از یک جلوه صد دل می بری

Оҳ агар рӯзии бад-ӣни сӯрати ду чори ман шӯй

آه اگر روزی بدین صورت دو چار من شوی

эй басои шабҳо ки ҳамчун шамъ бояд зинда дошт

ای بسا شبها که همچون شمع باید زنده داشت

То чароғи дидаи шаби зиндаи дори ман шӯй

تا چراغ دیدهٔ شب‌زنده‌دار من شوی

Бас кун ин зории фиғонӣ то кӣ аз доғи фироқ

بس کن این زاری فغانی تا کی از داغ فراق

Гиря омӯз ду чашми ашкбори ман шӯй

گریه‌آموز دو چشم اشکبار من شوی