Агар зи айни ҷафои чашм ӯ дилам бишикаст
اگر ز عین جفا چشم او دلم بشکست
Чаҳ мардумии мутаваққиъ буд зи кофари маст
چه مردمی متوقع بود ز کافر مست
Маро ки мурғи дил аз қайди доми фориғ буд
مرا که مرغ دل از قید دام فارغ بود
Ба ҳалқаи мӯии яке турра шуд дигар пои баст
به حلقه موی یکی طره شد دگر پا بست
Чу нахли қади ту дар боғи синаи бншондм
چو نخل قد تو در باغ سینه بنشاندم
Ба синаи тири ту чун нахл дигарам нанишаст
به سینه تیر تو چون نخل دیگرم ننشست
Худӣ фурӯхта риндон мемуғона харанд
خودی فروخته رندان می مغانه خرند
На худ параст чу шайхаст ринди бодаи параст
نه خود پرست چو شیخ است رند باده پرست
зи авҷ майкада наем ба боми чархи фурӯ
ز اوج میکده نایم به بام چرخ فرو
Ки ҳамтем накунад майли сӯии манзили паст
که همتم نکند میل سوی منزل پست
зи дасти мғбчаҳ май нӯши созам эй зоҳид
ز دست مغبچه می نوش سازم ای زاهد
Ки ҳаст кавсару ҳури ин ду дар ҷаҳон гар ҳаст
که هست کوثر و حور این دو در جهان گر هست
Ба бода ҳастӣ худро бишӯй эй фонӣ
به باده هستی خود را بشوی ای فانی
Ки аз ҳазор бало раст онкӣ аз худ раст
که از هزار بلا رست آنکه از خود رست