Гарчи дӯш аз доғи ҳиҷрони оташини таби доштам
گرچه دوش از داغ هجران آتشین تب داشتم
Сӯзи ин оташи фузунтар буд комшби доштам
سوز این آتش فزونتر بود کامشب داشتم
Дарду заъфам ҳар ду мӯҳлик будгар миомдӣ
درد و ضعفم هر دو مهلک بود گر میآمدی
Пурсаро асбоби ҷон додани мураттаби доштам
پرسه را اسباب جان دادن مرتب داشتم
Аз ту ва худ дар замони ҳиҷру айёми фироқ
از تو و خود در زمان هجر و ایام فراق
Рӯҳро беқолаб ва бе рӯҳи қолаби доштам
روح را بیقالب و بیروح قالب داشتم
Гар тақарруби ҷустами андари шурб бо мисатони дайр
گر تقرب جستم اندر شرب با مستان دیر
Айб набӯд чун ба эшон қурби машраби доштам
عیب نبود چون به ایشان قرب مشرب داشتم
Дар хаёли хор мижгонаш набудам хоби дӯш
در خیال خار مژگانش نبودم خواب دوش
зи онкии андари перҳани сад неши ақраби доштам
ز آنکه اندر پیرهن صد نیش عقرب داشتم
Дар таби ғами Фонёи сӯзи дарунам кам нашуд
در تب غم فانیا سوز درونم کم نشد
Зонка аз тбхолаҳ буд обӣ ки бар лаби доштам
زانکه از تبخاله بود آبی که بر لب داشتم