Дар даҳр ҳар ки домани пер Муғон гирифт

در دهر هر که دامن پیر مغان گرفت

Баҳри наҷоти доман ӯ метавон гирифт

بهر نجات دامن او می توان گرفت

Набӯд дигар з хуфт даври фалаки ғамаш

نبود دگر ز خفت دور فلک غمش

Он ков ба кӯии майкадаи ратл гарон гирифт

آن کاو به کوی میکده رطل گران گرفت

Дили доштами нигаҳи зи вай аммо ба ишва Эй

دل داشتم نگه ز وی اما به عشوه ای

Донам гирифт лек надонам чисон гирифт

دانم گرفت لیک ندانم چسان گرفت

Онк ӯ матоъ ҳар ду ҷаҳон дод васл ёфт

آنک او متاع هر دو جهان داد وصل یافت

Гуфтани тавон ки дар смин ройгон гирифт

گفتن توان که در ثمین رایگان گرفت

Дар хонақоҳи ғайри риё чун надид дил

در خانقاه غیر ریا چون ندید دل

Шуд сӯии дайру мазҳаби риндон азон гирифт

شد سوی دیر و مذهب رندان ازان گرفت

Хӯни дилам ки рӯй заминро гирифта буд

خون دلم که روی زمین را گرفته بود

Набӯд шафақ ки домана осмон гирифт

نبود شفق که دامنه آسمان گرفت

Фонӣ ба васли дӯст азон рӯзи роҳи барад

فانی به وصل دوست ازان روز راه برد

Кӯи тарки ҳушу ақлу дил ва хонимон гирифт

کو ترک هوش و عقل و دل و خانمان گرفت