Чаҳ кунам дил ки ҳамаи дарду ғами ман здлст

چه کنم دل؟ که همه درد و غم من ز دل‌ست

Дил ки хоҳад бабрад , гӯи бабр , аз ман бҳлст

دل که خواهد ببرد، گو «ببر» از من بحِل‌ست

Сол то соли гирифтори дили мстҳлм

سال تا سال گرفتار دل مستحلم

Вои он кас ки гирифтори дили мстҳлст

وای آن کس که گرفتار دل مستحِل‌ست

Гоҳ дар чоҳи занхдон нигор хутанаст

گاه در چاه زنخدان، نگارِ ختن‌ست

Гоҳ дар ҳалқаи зулфиннигор чглст

گاه در حلقهٔ زلفین، نگار چگِل‌ست

Нест огоҳ ки чоҳи занаху ҳалқаи зулф

نیست آگاه که چاه زنخ و حلقهٔ زلف

Дилбару дили шикану дили шукр ва дил гусаласт

دلبر و دل‌شکن و دل‌شکر و دل‌گسِل‌ست

Дил ҳаме гуяд ҷаври ту зи чашм ту равост

دل همی گوید «جور تو ز چشم تو رواست»

Ки зи чашми тўўи зошкши ҳамаи ин шаҳр гуласт

که ز چشم تو و زاشکش، همهْ این شهر گِل‌ست