Шабӣ ки ҳиҷр бипардохт аз ту манзили мо
شبی که هجر بپرداخت از تو منزل ما
Кадоми ғам ки назд ҳалқа бар дар дили мо
کدام غم که نزد حلقه بر در دل ما
Шаҳид ханҷар шавқем втои абад шояд
شهید خنجر شوقیم وتا ابد شاید
Ки чашм мо накунад хирбоди қотили мо
که چشم ما نکند خیرباد قاتل ما
Асир бодия ҳайратем ва ме ояд
اسیر بادیه حیرتیم و میآید
Хурӯши мотамён аз дароӣ маҳмили мо
خروش ماتمیان از درای محمل ما
Чаҳ тираи бахти ҳарифам ки метавон афрӯхт
چه تیرهبخت حریفم که میتوان افروخت
зи зулмати шаби ҳиҷрони чароғи маҳфили мо
ز ظلمت شب هجران چراغ محفل ما
Аҷали хабар ба фасеҳии расон ки ме гирад
اجل خبر به فصیحی رسان که میگیرد
зи рашки бози муҳаббати суроғи манзили мо
ز رشک باز محبت سراغ منزل ما