Чун шуъла пуртабаст даруну буруни мо
چون شعله پرتب است درون و برون ما
Тбхолаҳ мезанад лаби ханҷари зи хӯни мо
تبخاله میزند لب خنجر ز خون ما
Бар сар занад вафо ва кунад бар замонаи ноз
بر سر زند وفا و کند بر زمانه ناز
Ҳар лолае ки бушковад аз бесутуни мо
هر لالهای که بشکفد از بیستون ما
Кӯи гиря эй ки хандаи шодии чамани чаман
کو گریهای که خنده شادی چمن چمن
Ҷӯшад ба ҷои шуълаи зи доғи даруни мо
جوشد به جای شعله ز داغ درون ما
Зулфии дилами рабӯда ки дар дидаи хирад
زلفی دلم ربوده که در دیده خرد
Шуд мардумаки сиёҳии доғи ҷунуни мо
شد مردمک سیاهی داغ جنون ما
Гуфтем бушковем ду рӯзии дарин чаман
گفتیم بشکفیم دو روزی درین چمن
Дидем рӯй олам ва бад шуд шгўни мо
دیدیم روی عالم و بد شد شگون ما
Сари чашмаи ғамии сети зи файзи ишқ
سر چشمه غمیست ز فیض عشق
Ҳар захми теша дар ҷигари бесутуни мо
هر زخم تیشه در جگر بیستون ما