Дар мизоҷи дарди худ завқ мудово сӯхтем

در مزاج درد خود ذوق مداوا سوختیم

Нусхаи эъҷоз дар даст масеҳо сӯхтем

نسخه اعجاز در دست مسیحا سوختیم

Боди домони таби имшаби оташи мо тез кард

باد دامان تب امشب آتش ما تیز کرد

Каз туфи мижгони матоъи ҳафт дарё сӯхтем

کز تف مژگان متاع هفت دریا سوختیم

Машраби парвонаи моро аз гронҷонӣ раҳанд

مشرب پروانه ما را از گرانجانی رهاند

Ҳар куҷои дидеми шамъӣ бемуҳобо сӯхтем

هر کجا دیدیم شمعی بی محابا سوختیم

Ҳар кафи хокистари мо чашмаи назораи ист

هر کف خاکستر ما چشمه نظاره‌ایست

Ишқ дар кораст агар мо дар тамошо сӯхтем

عشق در کارست اگر ما در تماشا سوختیم

Шуълаи моро пари парвонае пурсиш накард

شعله ما را پر پروانه‌ای پرسش نکرد

Гарчи умрӣ бар мазори габр ва тарсо сӯхтем

گرچه عمری بر مزار گبر و ترسا سوختیم

Шамъи сон дар шуъла печидем ҷон коимн шавем

شمع‌سان در شعله پیچیدیم جان کایمن شویم

Лек дар гоми нахуст аз ғайрат по сӯхтем

لیک در گام نخست از غیرت پا سوختیم

Исмати азлати фасеҳии номи худ гум карданаст

عصمت عزلت فصیحی نام خود گم کردنست

Солҳо аз шарми хомиҳоӣ анқо сӯхтем

سالها از شرم خامیهای عنقا سوختیم