Аз дили ҳазор лухт ба чашм нисор рафт

از دل هزار لخت به چشم نثار رفت

Ҷузи доғ ҳар чаҳ буд дарин лола зор рафт

جز داغ هر چه بود درین لاله‌زار رفت

Заъфам чунон гудохт ки тӯфони ашки дӯш

ضعفم چنان گداخت که طوفان اشک دوش

Сад ҷо нишаст аз мижа то дар канор рафт

صد جا نشست از مژه تا در کنار رفت

Он дидаи гӯи захираи дидор май ниҳод

آن دیده گو ذخیره دیدار می‌نهاد

Найранги бахти байн ки ба дунбол ёр рафт

نیرنگ بخت بین که به دنبال یار رفت

Бигузашт умру ғунчаи мо ношукуфта монад

بگذشت عمر و غنچه ما ناشکفته ماند

Ин мотам дигар ки зи боғам баҳор рафт

این ماتم دگر که ز باغم بهار رفت

эй коши пештари з фасеҳӣ намардумӣ

ای کاش پیشتر ز فصیحی نمردمی

То дидамӣ чаҳ бар сараш аз ҳиҷр ёр рафт

تا دیدمی چه بر سرش از هجر یار رفت