Аз файз гиряам мижа нашав ва намо гирифт

از فیض گریه‌ام مژه نشو و نما گرفت

Сомони сад баҳори чамани зин гё гирифт

سامان صد بهار چمن زین گیا گرفت

Найранги ишқи байн ки ба як тори зулфи ёр

نیرنگ عشق بین که به یک تار زلف یار

Сартосари замона ба тор бало гирифт

سرتاسر زمانه به تار بلا گرفت

Бгдохтми зи рашк ки шамъи саҳаргаҳӣ

بگداختم ز رشک که شمع سحرگهی

Ҷон доду буии дӯсти зи бод сабо гирифт

جان داد و بوی دوست ز باد صبا گرفت

Буии туро ба ман ки расонад ки ҳар насим

بوی ترا به من که رساند که هر نسیم

Кони чин зулф дид дар он ҳалқа ҷо гирифт

کان چین زلف دید در آن حلقه جا گرفت

Аз дӯсти душмании сети фасеҳии насиби дил

از دوست دشمنی‌ست فصیحی نصیب دل

Қисмати нигар ки сояи хур аз ҳумо гирифт

قسمت نگر که سایه خور از هما گرفت