эй нақши кафи пои ту перояи умед

ای نقش کف پای تو پیرایه امید

Кӣ аз ту пас зонуии ҳурмони нншстм

کی از تو پس زانوی حرمان ننشستم

Кӣ буд ки дар сояи домони висолат

کی بود که در سایه دامان وصالت

Ошуфтатар аз чоки гиребони нншстм

آشفته‌تر از چاک گریبان ننشستم

Кӣ буд ки аз файзи тамошои ҷамолат

کی بود که از فیض تماشای جمالت

Осӯдатар аз дидаи гирёни нншстм

آسوده‌تر از دیده گریان ننشستم

Кӣ буд ки чун гул ба гулистони хаёлат

کی بود که چون گل به گلستان خیالت

Дар хӯни ҷигар бо лаби хандони нншстм

در خون جگر با لب خندان ننشستم

Кӣ буд ки чун обилаи пои таманно

کی بود که چون آبله پای تمنا

Аз дасти ту дар гӯшаи домони нншстм

از دست تو در گوشه دامان ننشستم

Кӣ буд ки аз нанги гарони ҷонии домон

کی بود که از ننگ گران‌جانی دامان

Навмед чу хӯн бар сари мижгони нншстм

نومید چو خون بر سر مژگان ننشستم

Кӣ буд ки чун дӯд дар оташкадаи ғам

کی بود که چون دود در آتشکده غم

То гардан дар оташи сӯзони нншстм

تا گردن در آتش سوزان ننشستم

Ту перҳани Юсуф ва ман накҳати васлам

تو پیرهن یوسف و من نکهت وصلم

Кӣ аз ту буридам ки пушаймони нншстм

کی از تو بریدم که پشیمان ننشستم

Неи зулфнигорам ман ветои оризи ёрӣ

نی زلف نگارم من وتو عارض یاری

Кӣ бо ту нишастам ки парешони нншстм

کی با تو نشستم که پریشان ننشستم

Инҳо ҳама узраст гунаҳ моя афваст

اینها همه عذرست گنه مایه عفوست

Сад шукр ки бемоя ба дукони нншстм

صد شکر که بی‌مایه به دکان ننشستم

Бори гунаҳи бастаи дарин руста гушӯдам

بار گنه بسته درین رسته گشودم

Беҳуда ба паҳлавии карямони нншстм

بیهوده به پهلوی کریمان ننشستم

Савганд ба теғи ситами ишқ ки имрӯз

سوگند به تیغ ستم عشق که امروز

Чун захми дамӣ бе лаби хандони нншстм

چون زخم دمی بی لب خندان ننشستم

Раҳмӣ ки ман он мавҷи саробам ки дарин баҳр

رحمی که من آن موج سرابم که درین بحر

Шодоби дамӣ бар сари тӯфони нншстм

شاداب دمی بر سر طوفان ننشستم

Неи не ки ман он нолаи дардам ки дарин базм

نی‌نی که من آن ناله دردم که درین بزم

Аз шухӣ дар гӯши ҳарифони нншстм

از شوخی در گوش حریفان ننشستم

Дар маъракаи ҳасани ман он ханҷари нозам

در معرکه حسن من آن خنجر نازم

Каз арбада дар захми шаҳидони нншстм

کز عربده در زخم شهیدان ننشستم

Дар дайри каллаи гӯша ҳиммат нишкастам

در دیر کله گوشه همت نشکستم

То чун хам бар маснади ирфони нншстм

تا چون خم بر مسند عرفان ننشستم

Лои хами файзами ватанами соғари дардаст

لای خم فیضم وطنم ساغر دردست

Дар савмиъаи зҳдФрўшони нншстм

در صومعه زهدفروشان ننشستم

Он нақши нигинам ки зи баси шавкати ҳиммат

آن نقش نگینم که ز بس شوکت همت

Бар тораки фармони сулаймони нншстм

بر تارک فرمان سلیمان ننشستم

Он мавҷи нишотам ки ба фармони баҳорон

آن موج نشاطم که به فرمان بهاران

Бар ҷабҳаи гулҳои гулистони нншстм

بر جبهه گلهای گلستان ننشستم

Сад неши марои таъбия дар нӯш сухан ҳаст

صد نیش مرا تعبیه در نوش سخن هست

Бехайлу сипаҳ бар сари икрони нншстм

بی خیل و سپه بر سر یکران ننشستم

Тӯфони зи танур ҷигарам ҷӯшаду ҳаргиз

طوفان ز تنور جگرم جوشد و هرگز

Дар киштӣ аз андешаи тӯфони нншстм

در کشتی از اندیشه طوفان ننشستم

Сад шамъи фиғони марди маро бар лаб ва як шаб

صد شمع فغان مرد مرا بر لب و یک شب

Дар мотами як шуълаи парешони нншстм

در ماتم یک شعله پریشان ننشستم

Аммо чу ту ӣӣ марҳами алмос ва манам захм

اما چو تو‌یی مرهم الماس و منم زخم

Маъзӯрам агар бе ту ба сомони нншстм

معذورم اگر بی تو به سامان ننشستم

Аз чашми талофӣ ба нигоҳӣ бинавозам

از چشم تلافی به نگاهی بنوازم

Пиндор ки дар дӯзахи исёни нншстм

پندار که در دوزخ عصیان ننشستم

Дар бзмгаҳи нози ту ин шева гаронаст

در بزمگه ناز تو این شیوه گرانست

Ингор ки дар хайли асирони нншстм

انگار که در خیل اسیران ننشستم