Парасти ёди ту дар кунҷи дидау дили мо

پُر است یاد تو در کنج دیده و دل ما

Ҳашам нишин хаёл ту шуд манозили мо

حشم‌نشین خیال تو شد منازل ما

Дилии зи уқдаи зулфи ту танг тар дорем

دلی ز عقده‌ی زلف تو تنگ‌تر داریم

Накард нохуни тези ту бози мушкили мо

نکرد ناخن تیز تو باز مشکل ما

зи тан парастӣ хешем зердасти фалак

ز تن‌پرستی خویشیم زیردست فلک

Ба хӯни тапида ҷисмаст ҷони бсмли мо

به خون تپیده‌ی جسم است جان بسمل ما

зи гӯшагирӣ мо тарк ҷустуҷӯ накунӣ

ز گوشه‌گیری ما ترک جستجو نکنی

Ки дастпарвар гирдобҳост соҳили мо

که دست‌پرور گرداب‌هاست ساحل ما

Ҳануз хомии дониш дар оташаш дорад

هنوز خامی دانش در آتشش دارد

Ҷунуни з ақл нафаҳмидааст оқили мо

جنون ز عقل نفهمیده است عاقل ما

Турои забони хуш аз роҳ май баради ҳайҳот

تو را زبان خوش از راه می‌برد هیهات

Ҳануз кош ндонӣ ки чист дар дили мо

هنوز کاش ندانی که چیست در دل ما

Дар он мақом ки моием орзӯ нарасад

در آن مقام که ماییم آرزو نرسد

Надодаанд раҳи андешаро ба манзили мо

نداده‌اند ره اندیشه را به منزل ما

На ҷурм ӯст ки аз мо фароғатӣ дорад

نه جرم اوست که از ما فراغتی دارد

Ба фикр хеш науфтодааст ғофили мо

به فکر خویش نیفتاده است غافل ما

Шунидаем ки дар фикри хўнбҳост ҳануз

شنیده‌ایم که در فکر خونبهاست هنوز

Ҳануз чашм нмолидаҳаст қотили мо

هنوز چشم نمالیده است قاتل ما

зи ҷӯии сабру сукӯни оби кишти худ додем

ز جوی صبر و سکون آب کشت خود دادیم

Бақои умри Хизр кӣ расад ба ҳосили мо

بقای عمر خضر کی رسد به حاصل ما

Ҷузи инки худ дилаш аз каф ба ишвае барадӣ

جز این‌که خود دلش از کف به عشوه‌ای بردی

Туу худо ки дигар чист ҷурми бедили мо ?

تو و خدا که دگر چیست جرم بیدل ما؟

Агарчӣ дар раҳаши андеша ботиласт вале

اگر چه در رهش اندیشه باطل است ولی

Дуруст меравад андешаҳои ботили мо

درست می‌رود اندیشه‌های باطل ما

Ба ғайри дӯст ки дар ҷони давонидаи решаи меҳр

به غیر دوست که در جان دوانده ریشه‌ی مهر

Задем ҳар чаҳ дигар руста буд аз гули мо

زدیم هر چه دگر رُسته بود از گل ما

Касе зи талхии мо коми ҷон наме дуздад

کسی ز تلخی ما کام جان نمی‌دزدد

Шукр ба Мисри баради армағони ҳалоҳили мо

شکر به مصر برد ارمغان هلاهل ما

Касе ки лаби з шикарханда мегузид мудом

کسی که لب ز شکرخنده می‌گزید مدام

Чаҳ ху гирифт ба ибромҳои соили мо

چه خو گرفت به ابرام‌های سایل ما

зи гуфтугӯии парешони мо ҷаҳон пар шуд

ز گفتگوی پریشان ما جهان پر شد

Басаст ҳар дили девонаро слосли мо

بس است هر دل دیوانه را سلاسل ما

Бад-ӣни васила ки мирзои Саид мо танҳост

بدین ‌وسیله که میرزا سعید ما تنهاست

Чаҳ хуб кард ки файёз рафт аз дили мо

چه خوب کرد که فیّاض رفت از دل ما