То буии зулфи ёр дар ободӣ манаст
ز عکس زلف تو آیینه سنبلستانست
Ҳар лаб ки ханда Эй кунад аз шодӣ манаст
به وصف روی تو بلبل هزار دستانست
Болами видоъи ҷилва парвоз ме кунад
به نخل قد تو کردیم سرو را نسبت
Ёрб дигар ки дар пай сайёдӣ манаст ?
بدین وسیله کنون سرفراز بستانست
Дорам суроғи ҷилваи симурғу кимиё
اسیر عشق تو باغ و بهار را چه کند
Ҳар нақши пай ки гум шуда дар водӣ манаст
خیال روی تو هر جا بود گلستانست
Аз нолаи рахна дар ҷигар санг ме кунам
هوا چو سرد شود باده خوش بود فیّاض
Кӯи бесутун ? ки навбат Фарҳодӣ манаст
پیاله گیر که ساغر گل زمستانست