Дармондаи дил ба кори ман ва ман ба кори дӯст
چون مُهر لب به شکوة آن تندخو شکست
Дили шармсор ман шуд ва ман шармсори дӯст
رنگ حیا به چهرة محجوب او شکست
Дар гиря ихтиёр надорам ки дода аст
دل کرد آرزو که ببوسد لبش به خواب
Ишқами зимоми дил ба кафи ихтиёри дӯст
صد جا ز بیم، رنگِ رخ آرزو شکست
Ман биқрори лутфаму дили биқрори ноз
چون گل جگر ز هجر ویم لخت لخت ریخت
То дар ҳалоки мо ба чаҳ бошад қарори дӯст
دل همچو غنچه در غم او تو بتو شکست
То нагузарӣ з хеш наёбӣ насими васл
تن خاک گشت و جان به هوای تو پایدار
Бархез аз миён ва нишин дар канори дӯст
صد شکر می نریخت اگرچه سبو شکست
Файёз ҳастӣ ту гаронии з ҳад фузуд
فیّاض چون نهان کنم این غم! که بارها
Шармӣ ки беш азин натавон буд бори дӯст
رنگ رخ مرا نگهش رو به رو شکست