Ъшқбозонро сурӯди айши гуфтан расм нест
دل که بیزخم تو باشد به جهان خرّم نیست
Ҷуз навой дарди дил аз ҳам шнФтн расм нест
زخم را از تو رواجیست که با مرهم نیست
Чин зобрў барнадорӣ зонка дар гулзори ҳасан
غم بیهوده مرا از سروسامان انداخت
Ғунчаҳои чини абрӯро шукуфтан расм нест
گر بدانم که غم کیست که دارم، غم نیست
Ошиқонро дарди дили пайвастаи пеши глрхон
هر گل نغمه که خوناب دل از وی نچکد
Гарчи гуфтан расм ҳаст аммо шнФтн расм нест
در سراپردة ساز غم ما محرم نیست
Турфа расмасту аҷаби қонӯн ки дар девони ишқ
گر سر زلف تو گاهی شکن طرّه بخست
Дам задани ойин нау матлаб нуҳуфтан расм нест
تیرهروزی دلم را ز تو باعث کم نیست
Захмиёни шавқро дар хобгоҳи изтироб
کام دنیا نگشاید دل ما را فیّاض
Ҷуз ба рӯй бистари алмос хуфтан расм нест
داغ ما چشم سیه کردة این مرهم نیست