Зарра Эй нест ки ойӣнаи дидор ту нест
عشقبازان را سرود عیش گفتن رسم نیست
Хабар аз хеш надорад ки хабардор ту нест
جز نوای درد دل از هم شنفتن رسم نیست
Гарчи наздиктар аз ҷони манӣ бар лаб лек
چین زابرو برنداری زانکه در گلزار حسن
Ваъдае давртар аз ваъдаи дидор ту нест
غنچههای چین ابرو را شکفتن رسم نیست
Дарди деринаи худро з ки дармони талабам
عاشقان را درد دل پیوسته پیش گلرخان
Ки табибӣ нашносем ки бемор ту нест
گرچه گفتن رسم هست اما شنفتن رسم نیست
Тӯтӣон бо ки дигар нарад ҳавас ме бозанад
طرفه رسم است و عجب قانون که در دیوان عشق
Шукрӣ нест ки худ тӯтии гуфтор ту нест
دم زدن آیین نه و مطلب نهفتن رسم نیست
Пои бандии ту сармояи озодӣ ҳост
زخمیان شوق را در خوابگاه اضطراب
Сарв озод набошад ки гирифтор ту нест
جز به روی بستر الماس خفتن رسم نیست
Ишқ он нест ки худро ба миён бинад кас
هر چه هست از دل برون کن جز تمنّای ملال
Ҳон ба Мансур бигӯед ки ин кор ту нест
کاین غبار از چهرة آیینه رفتن رسم نیست
Ту накӯномӣу ишқи офати шӯҳрати файёз
گر اثر فیّاض خواهی از دعا در ناله کوش
Ҷои ин дастаи гули гӯшаи дастор ту нест
کاین گهر را جز به نیش ناله سفتن رسم نیست