Машқ шухӣ мекунад тифлӣ ба қасди ҷони мо
مشق شوخی میکند طفلی به قصد جان ما
Бодае дар ғӯра дорад соқии даврони мо
بادهای در غوره دارد ساقی دوران ما
Шухии ҳасани турои нозам ки дар ҳиҷрону васл
شوخی حسن ترا نازم که در هجران و وصل
Ҷилва аз ҳам нгслд дар дидаи ҳайрони мо
جلوه از هم نگسلد در دیدة حیران ما
Гарчи мо хӯн мехӯрем аммо з гардун эминем
گرچه ما خون میخوریم اما ز گردون ایمنیم
Ишқ мо шуд ҳам бало ва ҳам балогардони мо
عشق ما شد هم بلا و هم بلاگردان ما
Дар буруни осмони беҳтар ки ҷое хуш кунем
در برون آسمان بهتر که جایی خوش کنیم
Шӯриши сайли фано раҳ кард дар айвони мо
شورش سیل فنا ره کرد در ایوان ما
Мо зи дилгирӣ чаҳ мекардем дар дайри вуҷӯд
ما ز دلگیری چه میکردیم در دیر وجود
Гар адамро раҳ намедоданд дар бунёни мо ?
گر عدم را ره نمیدادند در بنیان ما؟
Умрҳо шуд то раг хоҳиш гушӯдем ва ҳануз
عمرها شد تا رگ خواهش گشودیم و هنوز
Хӯни ҳасратҳои фосид ҷӯшад аз шарёни мо
خون حسرتهای فاسد جوشد از شریان ما
Мо қабоӣ ҳастӣ худ вожгӯн пӯшида ем
ما قبای هستی خود واژگون پوشیدهایم
Абрааш мазмуни моу остари унвони мо
ابرهاش مضمون ما و آستر عنوان ما
Юсуф канъон ақлему Зулайхо нафас шавам
یوسف کنعان عقلیم و زلیخا نفس شوم
Чоҳи мо дунёу абнои замони ихвони мо
چاه ما دنیا و ابنای زمان اخوان ما
Навбат пурсиш намеуфтад ба дасти ҳеҷ кас
نوبت پرسش نمیافتد به دست هیچکس
Дар қиёмати довари мо гар кунад девони мо
در قیامت داور ما گر کند دیوان ما
Зини хиҷолатҳо ки моро аз гуноҳон ҳосил аст
زین خجالتها که ما را از گناهان حاصل است
Зуҳди зоҳидро наёрад дар назари исёни мо
زهد زاهد را نیارد در نظر عصیان ما
Аҳди мо аз бевафое ҳо нагардад рахнаи дор
عهد ما از بیوفاییها نگردد رخنهدار
Карда бо имони мо ҳам тинатии паймони мо
کرده با ایمان ما همطینتی پیمان ما
Ваа ки мо чашми қабул аз ишқ дорем ва ҳануз
وه که ما چشم قبول از عشق داریم و هنوز
Пар накард аз хоми сӯзии ранги куфри имони мо
پر نکرد از خامسوزی رنگ کفر ایمان ما
Ғарқи ноФрмонииму турфатар ин каз карам
غرق نافرمانییم و طرفهتر این کز کرم
Май баради фармонравои мо ҳамон фармони мо
میبرد فرمانروای ما همان فرمان ما
Ҳаст хати тираи рӯ дар мусҳаф рӯй батон
هست خط تیرهرو در مصحف روی بتان
Дар баёни тираи рӯзии оя эй дар шани мо
در بیان تیرهروزی آیهای در شان ما
Мо куҷоу толеъи сайди муроди дили куҷо
ما کجا و طالع صید مراد دل کجا
Ҳамсарӣ бо осмон ! кӣ гунҷад ин дар шани мо ?
همسری با آسمان! کی گنجد این در شان ما؟
То ба кӣ файёз бар мо зулму бедоди фироқ
تا به کی فیّاض بر ما ظلم و بیداد فراق
Гӯи раияти парварӣ беҳтар кунад султони мо
گو رعیتپروری بهتر کند سلطان ما