Гулистон аз хандааш тарҳи гул хандон гирифт
یاد او در سینه کردم جامه بوی گل گرفت
Навбаҳор аз ҷилвааш сомони сад бустон гирифт
دم زدم از زلف او هنگامه بوی گل گرفت
Шуълае ҳар ҷо ки дар базм муҳаббат шуд баланд
از صریر کلک، صوت عندلیب آید به گوش
Сӯхти моро дил агар парвонаро домон гирифт
بسکه در تحریر نامت خامه بوی گل گرفت
Ҳастӣ ошиқи ҳиҷобӣ буд пеши роҳи васл
جوش بلبل بر کبوتر جلوة پرواز بست
Даст то бардошт аз худ доман ҷонон гирифт
تا چو برگ گل زنامت نامه بوی گل گرفت
Ишқ дар аввали шарорӣ буд аз домони ҳасан
هر گره از طرّة بند قبایت غنچهایست
Гашти охири шуълае дар куфр ва дар имон гирифт
تا ز همدوشیِّ سروت جامه بوی گل گرفت
Нест дар дорушшифои ишқи ғайр аз мо табиб
شمع بیتابانه بر یاد تو می سوزد به بزم
Ҳар ки омад , аз дили пурдарди мо дармон гирифт
کز بخور دود او هنگامه بوی گل گرفت
Ҳасани кин аз нотавон беш аз тавоно ме кашад
خاصگان در آتش بیطاقتیها سوختند
Дили зи хусрави барад ва аз Фарҳоди мискин ҷон гирифт
از نسیمت تا مشام عامه بوی گل گرفت
Дил ба танг омад зи ғами файёз то кӣ забти хеш
دست بر سر بس که بر یاد گل روی تو زد
Остин бар чашми гирён беш азин натавон гирифт
بر سر فیّاض ما عمّامه بوی گل گرفت