Завқ дидораст комӣ каз ҷаҳони дил май барад

سرو نتوانست لاف قامتش از پیش برد

Зоҳид аз дунё намедонам чаҳ ҳосил май барад !

هرزه در پیش جوانان آبروی خویش برد

Дил ба дарё додаро зи осеби тӯфон бок нест

همچو ترکش پر برآوردم ز تیر ناز او

Мавҷи охири киштии худро ба соҳил май барад

هر چه گویم، لذّت پیکان او دل بیش برد

Аблаҳонро дараки завқи ишва дунё куҷост

کوه را فرهاد از جا کند و خسرو مزد یافت

Ваа ки ин зани дили зи дасти марди оқил май барад !

بخت چون سستی کند نتوان به زور از پیش برد

Гарчи бисёраст раҳ дар водии ҳайрат вале

عاشقی دورست از منصور دعوی‌دار، دور

Ҷодаи гмгштгии роҳӣ ба манзил май барад

بی‌حقیقت با وجود دوست نام خویش برد

Ҳасан , об ва ранг набӯд , ишқи печ ва тоб нест

لذّت عیش جهان در لذّت ترکست و بس

Аз муҷарради ҳам , мҷрддон агар дил май барад

هر چه را در پادشاهی باخت شه، درویش برد