Гар насими субҳгоҳии гулистон май пурвирд
کس جان ز زخم خنجر مژگان نمیبرد
Буии зулфи ёрро нозам ки ҷон май пурвирд
تا زهر چشم یار به درمان نمیبرد
Хӯбии он гул худододаст на кори баҳор
شب نیست کز چکیدة مژگانم آسمان
Ин чаманро оби дасти боғбон май пурвирд
از دامنم ستاره به دامان نمیبرد
Нолаамро гар кунад шохи гул ҳасрат равост
جز خضر خطّ یار که سیراب لعل اوست
Онкии оби ҷилави ҳаш сарви равон май пурвирд
یک تشنه ره به چشمة حیوان نمیبرد
Чашм раҳмат дорам аз абрӣ ки камтари қатра аш
کو بخت آنکه گوشة دامن کند شکار
То қиёмати сабзаи зори осмон май пурвирд
دستی که ره به سوی گریبان نمیبرد!
Гулистониро ки обаши ашки хӯн олӯда аст
گل بیقرار نالة پرواز بستهایست
Боғбон аз ҳар ниҳолаши арғавон май пурвирд
داغم که کس قفس به گلستان نمیبرد
Меҳр модарзод дорад Тифли рӯҳи мо ба ҷисм
چون دادِ دل ز جلوة دیوانگی دهد
Ин ҳумо дар байзаи мо ошён май пурвирд
مجنون من که ره به بیابان نمیبرد!
Зон гули айшӣ наме ҷустам ки доими осмон
تا صبح خاطر سر زلفش مشوّش است
Навбаҳорамро дар оғӯши хазон май пурвирд
یک شب مرا که خواب پریشان نمیبرد
Дар ҳавои ҷилвааш чун бесутун нолида ам
من چون کنم که بر سر بازار وصل دوست
Гарчи моро ҳасрати мӯии миён май пурвирд
کس دین نمیستاند و ایمان نمیبرد!
Ҳаст ошиқро баҳори офатӣ ҳар навъ ҳаст
در هر دم است صد خطرم در کمین دین
Хизрро осеби умри ҷовдон май пурвирд
ایمان زاهدست که شیطان نمیبرد
Ҳеҷ узв аз файзи бедоди туам бебаҳра нест
داند زبان مور سلیمان من ولی
Ҳасрати теғи ту мағзи устихон май пурвирд
این مور ره به بزم سلیمان نمیبرد
Решаҳо дар хок Қум кардем файёз ар чаҳ лек
فیّاض التفات عزیزان چه شد که هم
Шавқи моро дар ҳавои Исфаҳон май пурвирд
یک جذبه از قمم به صفاهان نمیبرد