Лаълат ки боғи хандаи азу об ме хӯрд
بسکه آرام از نگاهش بیمحابا میپرد
Хӯни ҳазор гавҳар сероб ме хӯрд
رنگ از رخسارة مرغان دیبا میپرد
Рашки лаби ту хӯн ҷигар мекунад ба ком
در محیط عشقم از بیم خطرناکی چه باک
Ширӣ ки Тифли ғунчаи з маҳтоб ме хӯрд
کشتی شوقم به بال موج دریا میپرد
Дар печишами зи мӯии миёнӣ ки чун нигоҳ
نامة گمگشتگان بر بال عنقا بستهاند
Андеша аз тасаввури он тоб ме хӯрд
چشم بر راهانِ ما را دیده بیجا میپرد
Бо ёди абрӯаш ба мусаллои тоъатам
جلوة شاهین بدست نو شکارم دیده است
Мавҷи сиришк бар хам миҳроб ме хӯрд
مرغ روح من که در اوج تمنا میپرد
Дар бистари хашини манашон роҳаташ куҷост
شوق اگر پر میدهد بی پای رفتن صعب نیست
Паҳлу ки захми бистар санҷоб ме хӯрд
تشنة ریگ روان صحرا به صحرا میپرد
То бар ғубори хотирами афтодаи роҳи ашк
در کمین مطلب نایاب دام افکندهایم
Дар дашт сабзаам гул сайлоб ме хӯрд
دم فرو بند ای نفس پیرا که عنقا میپرد
Ногашта поки хирман умрам парида аст
ز آشنائیها ز بس فیّاض رمها خوردهایم
Ин сабзаи оби чашма симоб ме хӯрд
هر که نام ما برد رنگ از رخ ما میپرد