Димоғами боҷи завқ аз нашъа саршор ме гирад

عجب ار درین بهاران گل و لاله بار گیرد

Гулам аз трдмоғӣ бар сар дастор ме гирад

که ز گرد خاطر من نفس بهار گیرد

Ба душман кард аҳди ман вафои ёрӣ тамошо кун

لب سر به مُهر من شد سبب گشاد عالم

Барои хотири ман хотир ағёр ме гирад

که اگر نفس گشایم دل روزگار گیرد

зи худ озурдаам роҳӣ ба шаҳр бихўдӣ хоҳам

به میان بحرم اما همه تن چو موج لرزم

Ки дар ғурбат дилам мегирад ва бисёр ме гирад

که مباد در میانم هوس کنار گیرد

Масеҳо дар алоҷи ишқи қонӯн хушӣ дорад

ضرور شد تپیدن دل بیقرار ما را

Ки аз худ меравад онгаҳ раг бемор ме гирад

که گر از تپش بیفتد به کجا قرار گیرد

Марои озурда зон дорад ки аз худ нест оромиш

به سمند جلوه نازان به صف شکیب تازان

зи бас бе тоқатии ойӣна дар зангор ме гирад

سر ره که می‌تواند که برین سوار گیرد!

Ба маҳрӯмии ниҳодами дил вале навмед натавон шуд

چو زلفت ره ساز نیرنگ گیرد

Ки ҳурмони ту боҷ аз давлат бедор ме гирад

صبا از ملاقات او رنگ گیرد

Забуни ғайр агар гаштем дар ишқаш аз он бошад

بلا را خم طرّه‌ات دست بندد

Ки он гули домани моро ба даст хор ме гирад

اجل را نگاه تو در چنگ گیرد

Аҷаб дар хоку хӯн ғалтидаам золими тамошое

منِ شیشه دل با غمت چون بر آیم!

Ту гул май чинӣу нахли шаҳодат боз мегирад !

ز سختی دلت نکته بر سنگ گیرد

Ба каф ойӣна розаст ихлоси Зулайхо ро

به دل مگذران بد که تا بد نگردی

Чаро ғофили суроғи Юсуф аз бозор ме гирад

که آیینه از عکس خود زنگ گیرد

Ҳадиси сбҳаҳ чун бо даст дар ойини диндорӣ

قیامت بود آنکه فیّاض بیدل

Бигӯаш ман ки панд аз ҳалқа зуннор ме гирад

ترا در بغل گیرد و تنگ گیرد