Вайронаи дилии дон ки муҳаббат напазирад
چه شد بازم که زخمم باج از مرهم نمیگیرد
Ободи харобӣ ки иморат напазирад
دماغم جام خوشحالی ز دست جم نمیگیرد
Завқии надиҳади дил ки ғам ишқ надорад
چه حال است اینکه حسرت را دماغ آشفته میبینم
Пажмурда чу шуд ғунча тароват напазирад
چه ذوقست اینکه مرغ نالهام را دم نمیگیرد
Ҳар санг ки аз ҷинси дили тест ба сахтӣ
ملایک را گواه خویش میگیرم که در محشر
Созандгараш оина сӯрат напазирад
کسی عشق جوانان بر بنیآدم نمیگیرد
Гар нгзрмти ҳеҷ ба хотир чаҳ шикоят
اگر درد دلی باشد به اشک خویش میگویم
Ойӣнаи хуршед кудурат напазирад
ملامت پیشه جز غمّاز را محرم نمیگیرد
Таъсири мҷу аз нафаси сарди риёе
تو گر نازکدلی ای شوخ من هم پاکدامانم
Кин нола бедард сироят напазирад
ز برگ گل غباری دامن شبنم نمیگیرد
Аз зуҳду риёзат чаҳ асари тинати бад ро
به کار عشق کوتاهی ز من هرگز نمیآید
Зоти наҷиси алъайн таҳорат напазирад
برای دادخواهی دامن من غم نمیگیرد
Файёз бикаш дасти ғам аз тарбияти дил
حریف مزد دست مرد نتواند وصالت شد
Кин шӯраи замини ҳеҷ иморат напазирад
سر راهی به این غم خاطر خرم نمیگیرد