Нола аз дил то ба лаб аз заъф мушкил мерасад

قدم از بار محنت برنخیزد

Гӯши ӣнҷо кӣ ба дод нола дил мерасад

محبّت هم ازین کمتر نخیزد

Ҷазба маҳмил нишингар тан ба сустӣ дар диҳад

به دل تخم هوش کشتم نشد سبز

Шавқ бе тоқати куҷо дар гирд маҳмил мерасад

بلی دانه ز خاکستر نخیزد

То набошад гармии ашками шароб норас аст

ز دامنگیری خاکش در آن کو

Бодаи хӯни ҷигар аз оташ дил мерасад

چو سایه هر که افتد برنخیزد

Гар ба қатлами розӣии андеша товон макун

شبی بر بستر حسرت نیفتم

Хӯни ошиқ гирдят дорад ба қотил мерасад

که سیلابم ز چشم تر نخیزد

Дар фусуни файёз ҳар дами корвон дар корвон

چنان افتاده‌ام فیّاض از پای

Чашми масташро хароҷ аз чин ва Бобул мерасад

که آه از دل به نشتر برنخیزد