Ба ҷафо чун батон қарор кунанд
چون در آیینه نظر آن مه دیرینه کند
Фикри ушшоқ биқрор кунанд
خال را مردمک دیدة آیینه کند
Тиратар то кунанд ошиқ ро
چه توقّع دگر از عمر، جوانی چو نماند
Дастаи зулф , тор тор кунанд
شنبة ما چه گلی کرد که آدینه کند!
Ҳар дам аз ҷилвагар дилӣ набаранд
لذّت آنست که هرگز نپذیرد تغییر
Биншинанд ва пас чаҳ кор кунанд !
تا کی این جامه شود پاره و کس پینه کند!
Миннати марҳамаш ба ҷон доранд
تا ابد کشتِ محبّت نکشد منّت ابر
Ҳар киро хотирӣ фигор кунанд
سایه گر تیغ تو بر مزرعة سینه کند
Сайд душман шуданд моҳўшон
حسرت روز فزونی به کف آور فیّاض
Дӯстонро чунин шикор кунанд !
غم فردای تو تا کی هوس دینه کند!