Агар ду рӯз аз он кӯ хабар наме ояд

از ره کوی تو چون بانگ جرس می‌آید

Дилами зи водии ҳайрат ба дар наме ояд

جان بر لب شده از بوی تو پس می‌آید

Ҳазор марҳала тай кардаем дар ҳар гом

جذبة شوق چو آهنگ کشش ساز کند

Ғаниматаст ки ин раҳ ба сар наме ояд

شعله پروازکنان بر سرِ خس می‌آید

Ғарази тасаллӣ шавқаст аз тмнии васл

غیر اگر ز آتش دل سوخته باشد، که هنوز

Агар на коми зи дидор бар наме ояд

از کباب دل او بوی هوس می‌آید

Тнки дилони ту дар банд ин напиндоранд

بلبل ار یک دو سه روزی به گلستان نرود

Кадоми кори зи оҳ саҳар намеояд !

به طلبگاری او گل به قفس می‌آید

Мудом май каш ва сархуш нишин чу ман файёз

از تو فیّاض بود نظم تو بر صفحة دهر

Кадоми рӯз ки хӯн аз ҷигар намеояд !

یادگاری که به کار همه کس می‌آید